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सफर की धुन 1 by Khushi

SongGPT
सफर की धुन 1 by Khushi - Indie,male vocals music cover art

सफर की धुन 1

Indie,male vocals

0:003:20
Lyrics
Description
(verse)
नमस्कार दोस्तों, मैं हूं मंकी भाई,
कानपुर से निकला, भरतकूप की ओर आया।
इंटरसिटी एक्सप्रेस, पीछे है ये सफर,
हरियाली के खेत, दिल में है एक जादू सा असर।
(chorus)
सफर की धुन, दिल में बसी है,
हर मोड़ पर नई कहानी लिखी है।
भरतकूप की राहें, सपनों का जहां,
मिलते हैं हम फिर, अगले सीन में यार।
(verse)
ट्रेन की खिड़की से देखो ये नज़ारा,
खेतों की हरियाली, मन में लाए सारा।
गांव की खुशबू, हवा में बसी है,
इस सफर का मज़ा, सबको बतानी है।
(chorus)
सफर की धुन, दिल में बसी है,
हर मोड़ पर नई कहानी लिखी है।
भरतकूप की राहें, सपनों का जहां,
मिलते हैं हम फिर, अगले सीन में यार।
(bridge)
आगे बढ़ते चलो, नए अनुभवों की खोज,
हर कदम पर मिलेगी खुशियों की रोज।
साथ में हैं दोस्त, मस्ती भरा सफर,
इस यात्रा का जादू, ना कभी होगा कम।
(chorus)
सफर की धुन, दिल में बसी है,
हर मोड़ पर नई कहानी लिखी है।
भरतकूप की राहें, सपनों का जहां,
मिलते हैं हम फिर, अगले सीन में यार!