Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

शहीदी 1 by ABDUL

SongGPT
शहीदी 1 by ABDUL - Patriotic,both vocals music cover art

शहीदी 1

Patriotic,both vocals

0:003:35
Lyrics
Description
मोहरम का महीना आया है मज़लूमों को तुम याद करो
कर्बल की ज़मीं तंग जिन पे हुई उन प्यासो को तुम याद करो
इस्लाम बचाने की खातिर घरबार लुटाने वालों को
सजदों मे कटाकर सर अपने ईमान बचाने वालों को
जां हंस के लुटा देने वाले जांबाजो़ं को तुम याद करो
मोहरम का महीना आया है मज़लूमों को तुम याद करो
सै रोज़ रहे तिशना लब पानी न पिलाया ज़ालिम ने
दर्या पे लगाकर पहेरा किस तरह सताया ज़ालिम ने
एक बूंद न पानी जिन को मिला उन बच्चों को तुम याद करो
मोहरम का महीना आया है मज़लूमों को तुम याद करो
बातिल का कहा माना ही नही ईमानी हरारत वालों ने
सर अपने कटाए सजदों मे है शौके शहादत वालों ने
जो झूठ पे आए हैं गालिब उन सच्चों को तुम याद करो
मोहरम का महीना आया है मज़लूमों को तुम याद करो
बे नामो निशां है दुनिया मे शब्बीर के जितने हैं कातील
थे कल भी हुसैनी ज़िन्दा यहां और आज भी ज़िन्दा हैं आकिल
दीं जिन से है रौशन दुनिया मे उन तारों को तुम याद करो
मोहरम का महीना आया है मज़लूमों को तुम याद करो
कर्बल की ज़मीं तंग जिन पे हुई उन प्यासो को तुम याद करो