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वक़्त के साथ 2 by Editify

SongGPT
वक़्त के साथ 2 by Editify - Bollywood Ballad,male vocals music cover art

वक़्त के साथ 2

Bollywood Ballad,male vocals

0:003:17
Lyrics
Description
वो सुबहें जब एक साथ स्कूल आते थे,
एक ही बेंच पर बैठ के सपने सजाते थे।
वो बिन वजह की हँसी, वो टीचर से डाँट,
अब हर याद बन गई है दिल की पहचान।
अब सब हैं अपनी-अपनी किताबों में खोए,
मैं रह गया हूँ बस बीते पलों में रोए।
जो रह गए वक़्त के साथ,
वो दोस्त, वो मासूम बात।
ना कोई शिकवा, ना कोई रंजिश,
बस छूटा साथ... रह गई खामोश निशानी।
जो रह गए वक़्त के साथ...
अब मिलते हैं बस यादों की रात।
लास्ट बेंच की मस्ती, वो छोटी-छोटी जीत,
तेरे बिना लगता है कुछ अधूरा, कुछ रीत।
जिनके साथ हर दिन खास लगता था,
अब वही चेहरे भीड़ में गुम सा लगता है।
(वही पुराने roll numbers, वही घंटी की आवाज़
ना लड़ाई थी, ना कोई बड़ा झगड़ा,
फिर क्यों आज है इतना लंबा फासला।
बस पढ़ाई, नए रास्ते और शहर,
पर तू अब भी दिल के सबसे पास है अगर।
जो रह गए वक़्त के साथ,
ना लौटे वो सच्चे जज़्बात।
तेरी हर बात आज भी है साथ,
बस तेरा साथ नहीं है अब पास।
जो रह गए वक़्त के साथ...
अब बन गए हैं बस ख़्वाबों का एहसास।