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रोशनी आज कहाँ से मिली 1 by xoyap

SongGPT
रोशनी आज कहाँ से मिली 1 by xoyap - Soulful Hindi Ghazal music cover art

रोशनी आज कहाँ से मिली 1

Soulful Hindi Ghazal

0:002:56
Lyrics
Description

[Intro] फूंक सी हवा, मृदुल बांसुरी, हरसिंगार के अलाप में डूबी दुआ दम कहीं धीमे बहे तानपुरा का राग, हरमनियम की छेड़छाड़ के साथ [Verse 1] रोशनी आज कहाँ से मिली, रूह की राहों को दिशा दे चली। दिल अँधेरों में भटका बहुत, तेरी रहमत सवेरे सी ढली। [Pre-Chorus] कुछ लम्हें वो जो गुमनाम थे, संग तेरे जागे जैसे अरमान थे। छिपा हर दर्द एक मुस्कान में, बुझ गया वो सूना सा पहर अनजाने में। [Chorus] रोशनी आज कहाँ से मिली... रूह की राहों को दिशा दे चली... उस सुकून के बादल से मिली, जहाँ दर्द भी हँसता चला चला चला। [Verse 2] जिसको पत्थर समझते रहे उम्र भर, वो ही मिट्टी दुआ बन गई। ज़ख्म चुप थे मगर दर्द सजदा हुआ, तेरी ख़ामोशियाँ भी सदा बन गई। [Pre-Chorus] टूटे हुए सेFragments पिरोते रहे, सावन की बूंद सी वो तेरा सहारा रहा। तन्हा सफ़र के वो संगी-साथी बने, राहों में तेरी छाया की आहट बनी। [Chorus] रोशनी आज कहाँ से मिली... रूह की राहों को दिशा दे चली... उस सुकून के बादल से मिली, जहाँ दर्द भी हँसता चला चला चला। [Bridge] किस मोड़ पर छूटी जुस्तजू, किस घाट पर बसी बोइसार थीं, मौत की छाँव से गुज़र के भी तेरी मुस्कान कहती रही कहानी। [Verse 3] रात सदियों से सीने पे बैठी रही, तेरी यादों की बारिश से धुलती गई। हमने चाहा जिसे नाम देना मगर, वो मोहब्बत खुदा बनके मिलती गई। [Chorus] रोशनी आज कहाँ से मिली... रूह की राहों को दिशा दे चली... उस सुकून के बादल से मिली, जहाँ दर्द भी हँसता चला चला चला। [Outro] रोशनी आज कहाँ से मिली... रूह की राहों को दिशा दे चली... (तणपुरा का राग धीमे से फीका पड़ता हुआ)