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रातों की दहलीज़ 1 by Satya

SongGPT
रातों की दहलीज़ 1 by Satya - Sad Love Music,Female Vocals music cover art

रातों की दहलीज़ 1

Sad Love Music,Female Vocals

0:003:19
Lyrics
Description
[Intro]
रातों को जग कर सोचते हैं…
कि कहाँ गलती हुई?
किस मोड़ पर ख़ुद को पीछे छोड़ आए?
[Verse 1]
रातों की खिड़की पर मेरी साँसें ठहर जाती हैं,
तेरे पुराने कफ़स की खुशबू अभी तक कपड़ों में रहती है।
मैं सन्नाटों में तेरी हँसी की पतली गूँज ढूँढती हूँ,
उस गलियों की रोशनी जहाँ कभी हम साथ चलते थे।
[Pre-Chorus]
तेरे बिना सब कुछ टूट-सा लगता है,
छोटी-छोटी यादें मेरी हथेलियों पर टूट-टूट कर चमकती हैं।
[Chorus]
मेरा दिल अभी भी तेरा ही है,
तेरे बिना हर रास्ता वीरान सा है।
तेरी यादों की रेल मेरे सीने में चलती है,
और हर रात मैं तेरा नाम ले-ले कर जागती हूँ।
[Verse 2]
वो ठंडी चाय की प्याली, वो कल की तकरार-सी बातें,
तेरी जेब में दबा हुआ किराया, वो अँखियों का नादान सवाल।
मैं उन तस्वीरों को थपथपाती हूँ, अपना चेहरा उनकी परछाई में ढूँढ लेती हूँ,
हर मोड़ पर तेरा साया मिलकर फिर मुझे छोड़ जाता है।
[Pre-Chorus]
तेरे बिना सब कुछ अधूरा-सा है,
मैं छोटी-छोटी खुशियों को तेरे इंतजार में खो देती हूँ।
[Chorus - Variation]
मेरा दिल अभी भी तेरा ही है,
तेरे बिना हर राह सूनी-सूनी सी है।
पर अब मैं एक लौ जलाकर तुझ तक जलती रहती हूँ,
कहीं तू लौटे तो मेरी दुनिया फिर रोशन हो जाये।
[Bridge]
याद है वो शाम जब बारिश ने हमारी सैर थाम ली थी,
तू मेरी पलकों पर गिरती बूंदों से हँसा था, मैं शर्मा गयी थी।
वो हाथ जो अब खाली है, उसने एक बार कहा था — 'रुको',
आज उसी खाली हाथ को मैं सहला कर कहती हूँ — मैं ठहर गयी हू