Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

मेरे पहाड़ बुलाते हैं 26 by Dilbar

SongGPT
मेरे पहाड़ बुलाते हैं 26 by Dilbar - लोक-फोक + सॉफ्ट मेलोडी,Female Vocals music cover art

मेरे पहाड़ बुलाते हैं 26

लोक-फोक + सॉफ्ट मेलोडी,Female Vocals

0:002:50
Lyrics
Description
(Intro)
मेरे पहाड़ बुलाते हैं, बादल नाम पुकारें,
घाटी-घाटी गूँजे गीत, दिल को ये निहारें।
(Verse 1)
नदियाँ गाती लोरियाँ, जंगल भी मुस्काएँ,
उत्तराखंड की मिट्टी, स्वर्ग सा सुख पाए।
सुबह-सुबह सूरज निकले, बुरांश फूल खिले,
चाय की भाप में सपने, हर चेहरे पे मिले।
(Chorus)
मेरे पहाड़ बुलाते हैं, बादल नाम पुकारें,
घाटी-घाटी गूँजे गीत, दिल को ये निहारें।
(Verse 2)
घास काटती माएँ देखूं, बेटा रास्ता ताके,
मेहनत की खुशबू फैली, हर साँस में झलके।
मंदिर की घंटी बोले, गंगा माँ का जल,
हर बूढ़े हाथ में दुआएँ, हर बच्चे में कल।
(Chorus)
मेरे पहाड़ बुलाते हैं, बादल नाम पुकारें,
घाटी-घाटी गूँजे गीत, दिल को ये निहारें।
(Bridge)
काठ की छतों से झरती, कहानी पुरानी,
संस्कृति की थाती मेरी, पहचान सुहानी।
ना शहर की चकाचौंध चाहिए,
ना सोने-चाँदी का भार,
बस मेरी मिट्टी की खुशबू,
और अपनों का प्यार।
(Verse 3)
पलायन के दर्द को सीने में रख,
फिर भी मुस्काता गाँव,
जो चला गया, वो भी कहता,
यहीं है असली ठाँव।
(Chorus)
मेरे पहाड़ बुलाते हैं, बादल नाम पुकारें,
उत्तराखंड की धरती, हर दिल को सँवारें।
(Outro)
जहाँ सादगी में स्वर्ग मिले, सच्चा हर एक स्वप्न,
मेरे पहाड़ मेरा जीवन, मेरा ही उत्तराखंड।