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धूम की गूंज 2 by Mohan

SongGPT
धूम की गूंज 2 by Mohan - World Music,both vocals music cover art

धूम की गूंज 2

World Music,both vocals

0:003:25
Lyrics
Description
धूम… त… न…
धूम....ता....ना...
धूम तक धा
धा तक धूम
तनण... तनण...
गूँज रही आवाज़ें बेजान & बेजान,
पायलें बजतीं रातों में नृत्य समान & समान।
अंधकार पुकारे, परछाइयाँ खींच लाएँ,
पंख फड़फड़ाए — उड़ चले अरमान।
दमक उठी चाँदनी,
धूप ढले, चुप्पी बोले,
रुह में अंगारे जलें —
मिट्टी लिये चल पड़ा कारवाँ,
नदी का पानी करे ने-ने गान।
गूँज रही आवाज़ें बेजान & बेजान,
पायलें बजतीं रातों में नृत्य समान & समान।
साँसों में बसी कोई कहानी,
अधूरी सी, खोई सी —
धड़कनों में धधके कोई निशानी,
जैसे कोई पीड़ा सोई सी।
धूम… त… न…
धूम....ता....ना...
धूम तक धा
धा तक धूम
तनण... तनण...
गूंजे फिज़ाओं में कोई प्राचीन राग —
किसी भूले हुए युग की याद।
डमरू बजे या शंख ध्वनि हो,
ये कौन बुला रहा है अज्ञात?
आ जा पथिक, अब देर न कर,
चल उस ओर जहाँ कोई बाट न धर।
छू वह तिलिस्म जो खोया था,
जिसे समय ने जला दिया, पर खोया न था।
गूँज रही आवाज़ें बेजान & बेजान,
पायलें बजतीं रातों में नृत्य समान & समान।
रुह की गहराई में कोई गीत है,
जिसे सुनकर हर मौन भी रीते गीत गा उठे.