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दो अक्टूबर (Do October) 2 by M

SongGPT
दो अक्टूबर (Do October) 2 by M - Patriotic Folk music cover art

दो अक्टूबर (Do October) 2

Patriotic Folk

0:005:07
Lyrics
Description

[लड़का] दो अक्टूबर आया रे, दिल में दीप जलाया रे, सच की राह दिखाने वाला, बापू फिर याद आया रे। [लड़की] साबरमती के घाटों से, निकली थी जो बात, सत्य-अहिंसा साथ लिए वो, चलते रहे दिन-रात। [Chorus - दोनों] मोहन से बापू बने, बापू से महात्मा बने, देश के हर एक दिल में, प्यार के वो नग़मे बने। [लड़का] नफ़रत से ना नफ़रत की, प्यार को हथियार किया, सच की खातिर अपना जीवन, देश के नाम किया। [लड़की] आँधी आई, रात भी आई, फिर भी दीप जला, एक अकेला चल पड़ा तो, साथ हिंदुस्तान चला। [Chorus - दोनों] दो अक्टूबर... दो अक्टूबर... याद रहे बापू का नाम, सत्य की राह, प्रेम की चाह, यही रहे अपना काम। दो अक्टूबर... दो अक्टूबर... दिल में रहे उनकी बात, हाथ में हाथ, साथ में साथ, चलते रहें दिन-रात। [लड़का] चरखे की वो धुन थी प्यारी, मन में था विश्वास, छोटी-सी उस कुटिया में भी, बसता था इतिहास। [लड़की] सादा जीवन, ऊँची सोच, सीधी थी उनकी बात, दुनिया को इंसान बनाया, प्यार दिया दिन-रात। [Bridge - दोनों] ना कोई ऊँचा, ना कोई नीचा, सबका एक सम्मान, बापू की इस राह पे चलकर, बने नया हिंदुस्तान। [लड़का] आज भी जब सच बोलें हम, उनकी याद आए, जब किसी के काम आएँ हम, बापू मुस्कुराएँ। [लड़की] आज भी जब हाथ मिलाएँ, मिट जाए हर दूरी, प्यार रहे हर दिल में अपने, यही है सबसे ज़रूरी। [Chorus - दोनों] दो अक्टूबर... दो अक्टूबर... याद रहे बापू का नाम, सत्य की राह, प्रेम की चाह, यही रहे अपना काम। दो अक्टूबर... दो अक्टूबर... दिल में रहे उनकी बात, हाथ में हाथ, साथ में साथ, चलते रहें दिन-रात। [Outro] मोहन से बापू... बापू से महात्मा... नाम रहे उनका... दिल में हमेशा...