Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

त्रिशूलधारी की हुंकार 2 by MUTE BOX

SongGPT
त्रिशूलधारी की हुंकार 2 by MUTE BOX - Indian Classical,both vocals music cover art

त्रिशूलधारी की हुंकार 2

Indian Classical,both vocals

0:003:47
Lyrics
Description
(Intro - धीमा, रहस्यमय)
कालोऽस्मि लोकक्षयकृत्प्रवृद्धो।
(*Kālo'smi loka-kṣhaya-kṛit-pravṛiddho*)
(मैं काल हूँ, जो लोकों का संहार करने वाला है।)
त्रिशूल उठाए जो तांडव करे,
प्रलय की गूंज में ब्रह्मांड डरे।
शिवशक्ति का वह अद्भुत स्वरूप,
महाकाल का जो महाप्रभु रूप!
(Verse 1 - मृदंग और सितार के साथ)
नीलकण्ठः शिवः शंभुः, सर्वेशः परमेश्वरः।
(*Nīlakaṇṭhaḥ śivaḥ śaṁbhuḥ, sarveśaḥ parameśvaraḥ*)
(नीलकण्ठ, शिव, शंभु, सर्वेश्वर, परमेश्वर)
हलाहल पिया पर विष उनको जला ना सका,
काल के भाल पर उनका ही चिह्न रहा।
डमरू की ध्वनि जब गगन में गूंजती,
युगों की परिधि खुद उलटती-बदलती।
(Chorus - जोशभरा, तांडव शैली में)
रुद्रः क्रुद्धो भवेत् संहाराय!
(*Rudraḥ kruddho bhavet saṁhārāya!*)
(जब रुद्र क्रोधित होते हैं, तो संहार निश्चित है!)
जब रुद्र गरजते, तो सृष्टि कांपती,
तीनों लोकों में हलचल मचती।
अधर्मियों के लिए वह अग्नि समान,
धर्मरक्षकों के लिए शिव वरदान!
(Verse 2 - वायलिन और बांसुरी के मिश्रण से)
शिवोऽहं शिवोऽहं, नित्यं सत्यं सनातनः।
(*Śivo'haṁ śivo'haṁ, nityaṁ satyaṁ sanātanaḥ*)
(मैं शिव हूँ, मैं सत्य हूँ, सनातन हूँ।)
जो अघोरी भी हैं, जो सन्यासी भी हैं,
जो महाकाल भी हैं, जो संहारक भी हैं।
गंगा को शीश में संभाल रखा,
चिता के भस्म को गले लगाया।
(Outro - शांत, ध्यानमग्न सुर में)
ॐ नमः शिवाय, नित्यमेव भवाय!
(*Om Namaḥ Śivāya, nityameva bhavāya!*)
---
** यह गाथा नहीं, यह हुंकार है,
शिव ही सत्य हैं, यही आधार है। **