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तनख्वाह की दुआ 2 by Yogesh

SongGPT
तनख्वाह की दुआ 2 by Yogesh - फंक music cover art

तनख्वाह की दुआ 2

फंक

0:003:51
Lyrics
Description
सुबह से शाम तक, हम लगे रहते हैं,
कभी कंप्यूटर, कभी फाइलों में बहते हैं।
चाय भी भूल जाएँ, जब टारगेट हो भारी,
मालिक जी अब तो, बढ़ा दो तनख्वाह हमारी!
(कोरस)
हम भी तो फर्म के हैं, हक़दार प्यार के हैं,
थोड़े से इनाम के, सैलरी सुधार के हैं।
आपका काम संभाले, आपकी शान बढ़ाए,
अब हमारी भी सुन लो, दिल की बात बताएं।
(अंतरा 2)
हर महीने इंतज़ार करें, उस SMS का,
क्रेडिट हुआ क्या? या फिर वही पुराना झटका?
महंगाई भाग रही है फरारी की चाल,
और सैलरी चल रही जैसे कोई पुरानी खटारा चाल।
(कोरस दोहराएँ)
हम भी तो फर्म के हैं, मेहनती यार के हैं,
कंधे से कंधा मिलाकर, हम भी सवार के हैं।
बोनस की आस नहीं, बस थोड़ा साथ चाहिए,
तनख्वाह बढ़े प्यारे मालिक, यही तो बात चाहिए।
(अंत में)
काम हम करेंगे जी-जान से,
बस थोड़ी सी बढ़ोतरी दिल से।
मालिक जी, एक मीटिंग बुला लो,
हम सबके चेहरों पे मुस्कान सजा दो! 😄