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जय माँ काली — तेज़ ऊर्जा भजन 1 by Param

SongGPT
जय माँ काली — तेज़ ऊर्जा भजन 1 by Param - Bhajan (Devotional) music cover art

जय माँ काली — तेज़ ऊर्जा भजन 1

Bhajan (Devotional)

0:003:02
Lyrics
Description
ओ माँ काली — क्रीं!
ओ माँ काली — क्रीं!
तेरी नयन बिजली, झटके में कर दे जागा,
त्रिशूल मुँह में आग, अँधेरा सब झगड़ा भागा।
काले परदे फटें, झलके नया सूरज तेरा,
पग-पग पे थरथराए भेद, तू चलती है तेज़fera।
हाथ में चक्र नहीं — तूने ढाहा हर जाल,
एक पैमाने की मज़बूती, तू धड़कन की ताल।
जय माँ काली, काली माँ बोलो!
(काली माँ! — जय!)
नक़्शे मिटे झूठ के, तेरा रूप कटार है,
निशाना सरेह में, हर दूषण पर वार है।
तेरी हँसी सिंह की गर्जना, कांपे दुराचारी,
तेरे कदमों से फूटे भक्ति, तराशे नया इतिहास बड़ी भारी।
तेरा नारा छोटा — पर असर भारी भारी,
हवा में गूंज उठे, हम सबकी तहरीरी जारी।
जय माँ काली, काली माँ बोलो!
(काली माँ! — जय! — जय माँ काली!)
(काली माँ! — जय!)
(काली माँ! — जय!)
(क्रीं — क्रीं — क्रीं)
(ॐ क्रीं क्लीं काली क्लीं)
तू अँधेरे की तलवार, तू उजाले की बारात,
हर भय काट दे, हर शत्रु करे बरबाद।
रेशमी रात पर तूने जला दिया झण्डा,
सिर पर मुकुट नहीं — आग का ही पहरा।
नज़रें तेरी तेज़-तेज़, धरती खिंचे पास,
तू मिटाए जकड़नें, दे दे जीवन नया विस्मय और आश।
माँ काली, तू अमर्, तू आराध्य, तू तेज़ का घर,
तेरे चरणों में शरण, मिलती शांति, मिलती धर।
क्रीं — एक बार फिर, नमन हमारी भारी,
जय माँ काली — उठाओ आवाज़, बोलो सारी बार-बार।
जय माँ काली!
जय माँ काली!
क्रीं —