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गूँज 2 by Arati

SongGPT
गूँज 2 by Arati - Bollywood music cover art

गूँज 2

Bollywood

0:003:21
Lyrics
Description
(verse)
शाम की रोशनी ढल रही है, जैसे रंग उतरते हैं
एक और दिन मैंने गुज़रते देखा, एक खामोश सरगम की तरह
जो बीत गया, उन फुसफुसाहटों को, हवा में उन हँसियों को
अब बस उनकी गूँज मुझे सताती है, एक बोझ जिसे सहना है
(chorus)
गूँजती हैं यादें, मन में ताज़गी भरती हैं
हर लम्हा जैसे, दिल को फिर से तरसाती हैं
उन हँसियों की खुशबू, महकती है फिज़ाओं में
ये गूँज, ये खामोशी, मेरे ज़ख्मों में बसती हैं
(verse)
तारों की चादर ओढ़े, रूह मेरी जाती कहां है
ख्वाबों के पुल पर चलते, परछाईयाँ साथ में हैं
हवा में तेरे नाम की खुशबू बसी हुई है
मैं खोया खोया सा हूँ, तेरा इंतज़ार करती है
(chorus)
गूँजती हैं यादें, मन में ताज़गी भरती हैं
हर लम्हा जैसे, दिल को फिर से तरसाती हैं
उन हँसियों की खुशबू, महकती है फिज़ाओं में
ये गूँज, ये खामोशी, मेरे ज़ख्मों में बसती हैं
(bridge)
जबसे तू दूर गया, सब कुछ अधूरा सा लगा है
तेरे बिना ये सुनसान से रास्ते कैसे चल पाएंगे?
हर मोड़ पर तेरा नाम लिया मैंने,
इस दिल की धड़कन अब तुझसे ही रवाना है
(chorus)
गूँजती हैं यादें, मन में ताज़गी भरती हैं
हर लम्हा जैसे, दिल को फिर से तरसाती हैं
उन हँसियों की खुशबू, महकती है फिज़ाओं में
ये गूँज, ये खामोशी, मेरे ज़ख्मों में बसती हैं