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ख़्वाबों की चाय 1 by Kalam

SongGPT
ख़्वाबों की चाय 1 by Kalam - Indian,Male vocals music cover art

ख़्वाबों की चाय 1

Indian,Male vocals

0:003:59
Lyrics
Description
(अंतरा 1)
वो आती है जैसे बारिश की पहली बूंदें,
गले लगाती है, जैसे सुकून की धुनें।
चाय की प्याली में छुपा है एक आसमां,
उसकी हँसी में खिलता मेरा जहाँ।
(पूर्वकोरस)
हम बैठते हैं, घड़ी की सुई थम सी जाती है,
बातें उसकी, जैसे हवा में मधुर गीत गाती है।
मैं खोया रहता हूँ उसकी आँखों की गहराई में,
वो मुस्कुराती है, जैसे चाँदनी की छाँव में।
(कोरस)
तीन बजे आती है वो, लेकर ख्वाबों की सौगात,
छे बजे तक चलता है ये मीठा इज़हार।
दिल की गहराई में छुपा एक राज़,
मैं कह जाऊँ "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" आज।
पर अलार्म की तेज़ आवाज़, तोड़ देता है ये जादू,
उफ्फ ये ख्वाब मेरा, रोज़ करता है सताव।
(अंतरा 2)
चाय की खुशबू में वो अपने सपनों की बातें लाती है,
मैं अपने दिल के जज़्बात उसकी बाहों में समेटता हूँ।
हर घूंट में बसी है हमारी अधूरी दास्ताँ,
समय भी रुक जाता है, जब वो मेरे पास होती है।
(पूर्वकोरस)
उसके शब्द, जैसे सरगम की मधुर तान,
मेरे दिल की धड़कनों से मिलती है जान।
वो देखती है घड़ी, मैं खोया रहता हूँ ख्वाबों में,
ये पल है जादू, जो बस रहता है दिल के पास में।
(कोरस)
तीन बजे आती है वो, लेकर ख्वाबों की सौगात,
छे बजे तक चलता है ये मीठा इज़हार।
दिल की गहराई में छुपा एक राज़,
मैं कह जाऊँ "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" आज।
पर अलार्म की तेज़ आवाज़, तोड़ देता है ये जादू,
उफ्फ ये ख्वाब मेरा, रोज़ करता है सताव।
(ब्रिज)
काश कि एक दिन ये ख्वाब हकीकत बन