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अकेलेपन का तूफ़ान by Azhar

SongGPT
अकेलेपन का तूफ़ान by Azhar - Hip Hop music cover art

अकेलेपन का तूफ़ान

Hip Hop

0:002:24
Lyrics
Description
सत्रा की उम्रें, दिल में तूफान है, अकेला मैं हूँ, सब अपना छूट गया जाहान है।
दोस्त भी पीछे हट गई, छोड़ गए मेरे साथ, अब हैं बस मैं, और ये अकेला सफर।
साथ साथ, हर गली, हर मोर पे, बस मैं अकेला ख़ड़ा, ना कोई समझता, ना कोई देता सहारा मा बां, बक्की बातों में बस नाराज़गी, मेरे जजबातों की कोई सुनाई ना दिया।
दोस्त जो थे, पने पलत के चले गए, मेरे दड़त की गहराई तक, खुद को छुपा गए, कहते थे भाई, तू ही मेरा खास है, पर जब उठा मैंने दिल, तो कोई भी पास नहीं।
अकेला हूँ, तूटा हूँ, दोस्तों ने भी छला हूँ, जीवन की इस लड़ाई में, मैं खुद को हरा पाऊं।
सूरत छिपा बादल में, दिल भी है उदास, साथ समंदर पार भी ना गया कोई खास।
हर दिन की ये लड़ाई, किसी से कहता नहीं, दिल में छुपा हुआ मेरा दर, तूटता नहीं।
स्कूल के नंबर, माबाब के नखरे और दोस्त, जो गए छोड़ कर ये देश जो फसाने।
मैंने क्या किया, जो बदला पाया यहां, तूटे सपनों के बीच, खुद को पाया वहां।
ना कोई हाथ थामा, ना कोई दिया जला, बस अंधेरा ही अंधेरा ये जिंदगी की वोला।
क्यों, समझते नहीं उसे, जो अंदर से रोता।
मेरे अंदर छुपा वो दर, जो बहरा हो जाता।
मुझे छोड़ गया हर कोई, जैसे मैं था जूठा।
सत्र की इस सुम, मैंने मुझे सब कुछ को दिया चुका।
अकेला हूँ, तूता हूँ, दोस्टोने भी चला हूँ.
जीवन की इस लडाई में, मैं कुछ को हरा पाऊंग।
सूरत छिपा बादल में, दिल भी है उदास।
सात, समझतर, पार भी नह गया कोई खास।
कोई खास", कोई खास..
सात, समझतर, पार भी नह गया कोई खास।
अकेला हूँ, तूता हूँ, दोस्टोने भी चला हूँ.
जीवन की इस लडाई में, मैं कुछ को हरा पाऊंग।
सूरत छिपा बादल में, दिल भी है उदास।
सात, समझतर, पार भी नह गया कोई खास।