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Zindagi Ka Jazba 1 by Ashish

SongGPT
Zindagi Ka Jazba 1 by Ashish - Inspirational,both vocals music cover art

Zindagi Ka Jazba 1

Inspirational,both vocals

0:003:22
Lyrics
Description
(verse)
कभी-कभी ज़िंदगी एक सेकंड में बदल जाती है,
अहमदाबाद की उस रात, सब कुछ थम जाता है।
सीट नंबर 11A पर बैठा रमेश, मौत से टकराया,
पर किस्मत ने साथ दिया, वो जिंदा लौट आया।
(chorus)
ये कहानी है जज़्बे की, हिम्मत की बात,
रमेश ने दिखाया, कैसे जीते हैं हम साथ।
जब जिंदगी ने कहा, अब खत्म है खेल,
उसने कहा नहीं, मैं हूँ यहाँ, मेरा है ये मेल।
(verse)
आंखों के सामने सब कुछ हो रहा था,
यकीन ही नहीं होता, कैसे बच गया वो यार।
कुछ पल के लिए लगा, अब कहानी खत्म होने वाली,
पर थोड़ी सी जगह ने दी उसे नई जिंदगानी।
(chorus)
ये कहानी है जज़्बे की, हिम्मत की बात,
रमेश ने दिखाया, कैसे जीते हैं हम साथ।
जब जिंदगी ने कहा, अब खत्म है खेल,
उसने कहा नहीं, मैं हूँ यहाँ, मेरा है ये मेल।
(pre-chorus)
हाथ जल गया उसका, पर हौसला न टूटा,
प्रधानमंत्री आए मिलने, बढ़ाया हौसला उसका।
(chorus)
ये कहानी है जज़्बे की, हिम्मत की बात,
रमेश ने दिखाया, कैसे जीते हैं हम साथ।
जब जिंदगी ने कहा, अब खत्म है खेल,
उसने कहा नहीं, मैं हूँ यहाँ, मेरा है ये मेल।
(outro)
सलाम है इस जज़्बे को, जो कभी न झुका,
रमेश का नाम लेंगे हम, जब भी होगा कोई जश्न।