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Yaadon Ka Kafan 2 by Toshi

SongGPT
Yaadon Ka Kafan 2 by Toshi - classical,male vocals music cover art

Yaadon Ka Kafan 2

classical,male vocals

0:003:46
Lyrics
Description
फनना होकर भी जिन्दा हूँ तेरे गम की बदालत,
तेरी आदों में ही मैंने खुद को सजा रखा है।
तेरी आखों से जो सपना तूता था एक रोज,
वो अब हर रात मेरी पलकों पे रोता है।
कभी लफ्ज़ तेरे जो लबों से महकते थे,
अब उन ही से दिल का हर कोना तरसता है।
तेरे बगैर भी क्या जीना ये सफर तो मिल गया,
मगर हर सास में तेरे नाम से ही चलना सीखा।
वो वक्त जो तेरे पहलू में भी रुक गया था कभी,
आज भी मेरी धड़कनों में तेरा हुआ है।
तेरी खामोशी अब मेरी आवाज़ बन गई,
मैं हर तन्हा शाम में तुझसे गुफ़्तगू करता हूँ।
तू जो गया तो सम्हार रह गई सेध दीके ना,
कोई जवाब मिला ना सुकून आया कहीं से भी।
लात या किसी पहाने से ही सही,
क्योंकि तुझे भी ये जहां भी अजनबी सा लगता है।
तुझे से जगा तो हुआ था किसी मजबूरी में,
मेरा दिलाब भी तेरे तरफ़ रूखा है।
रिश्तों की स्याही अब थी महकती है,
जैसे तू खुद इन कागज़ों में बसा हो।
अब ना कोई शिकायत है ना कोई आरज़ू बाकी है,
बस तुझसे पिछल कर फुंकर को मिटा दिया मैंने।