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Udaan Ki Nayi Manzil 1 by AI Composer

SongGPT
Udaan Ki Nayi Manzil 1 by AI Composer - Bollywood music cover art

Udaan Ki Nayi Manzil 1

Bollywood

0:003:30
Lyrics
Description
(verse)
फिर से उड़ चला, उड़ के छोड़ा है जहाँ,
नीचे मैं तुम्हारे अब हूँ हवाले
अब दूर दूर लोड़ बाग, मीलों दूर ये वादियां
फिर थुआ तन, हर बदली चली आती है छूने पर
कोई बदली कभी कही कर दे तन, गीला यह भी नहो
(chorus)
किसी मंजर पर मैं रुका नहीं,
कभी खुद से भी मैं मिला नहीं,
ये गिला तो है मैं ख़पा नहीं,
शहर एक से, गाओ एक से, लोग एक से नाम है
(verse)
फिर से उड़ चला मिती जैसे सपने ये
इतना भी पलकों से जाड़ो फिर आ जाते हैं
इतने सारे सपने किस पारा से मैंने तोड़े हैं
छोड़ें हैं क्यूं फिर साथ चले मुझे लेके उड़े ये क्यूं
(chorus)
कभी दाल, दाल, कभी पार्ट, पार्ट,
मेरे साथ, साथ,
फिर दर, दर ये, कभी सहरा,
कभी सावन, कभी रावन, क्यों मर, मर के
(pre-chorus)
कभी दाल, दाल, कभी पार्ट, पार्ट,
मेरे लस कभी दिन, है रात,
कभी दिन, दिन है क्यों सच है,
क्यों माया है दाता है दाता
(bridge)
इधर, उधर, पीतर, पितर, क्या है पता,
हावा लिये जाये ते, तेरी और,
खिंचे तेरी आगे, तेरी आगे, तेरी और
(outro)
रंग बिरंगे वहवों में मैं उड़ता फिरू,
रंग बिरंगे वहवों में मैं उड़ता फिरू,
बना में देनो तो में में उड़ता फिरू