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The Magic Dhaba 1 by AI Composer

SongGPT
The Magic Dhaba 1 by AI Composer - folk music cover art

The Magic Dhaba 1

folk

0:003:38
Lyrics
Description
(verse)
एक समय की बात है, सुनसान हाईवे पर,
गाँव के पास एक ढाबा, रमेश का था सहारा।
सीधा-सादा इंसान, दाल तड़का उसका जादू,
तंदूरी रोटी का स्वाद, सबको करता नादान।
(chrous)
रमेश का ढाबा, जहाँ भटके दिल मिलते,
गर्मागरम चाय, और टेस्टी खाने के पल!
थकावट का साया, यहाँ नहीं रहता सपनों में,
सूरज ढलते ही, ढाबा होता गुलजार।
(verse)
दिन भर तो खाली, पर सूरज ढला जब,
ट्रकों की लाइनें लगतीं, रमेश का होता सबका जब।
दूर-दूर से आते ड्राईवर, थके-हारे होते यहाँ,
रमेश के हाथों का जादू, मिटाता सबकी थकान।
(chrous)
रमेश का ढाबा, जहाँ भटके दिल मिलते,
गर्मागरम चाय, और टेस्टी खाने के पल!
थकावट का साया, यहाँ नहीं रहता सपनों में,
सूरज ढलते ही, ढाबा होता गुलजार।
(bridge)
सपनों की महक हो कहीं दूर-दूर,
रमेश के संग बाँटें खुशियाँ फुरफुरी।
ढाबे की ये बातें सुनकर सब हैं मुस्कुराते,
यादों में बसा है ये सादगी भरा सफर।
(outro)
रमेश का ढाबा, जिंदगी की कहानी है,
खाने की खुशबू में छुपी है विश्वास की रवानी है!