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Teri Rakhi Tere Jaise Khoobsurat Thi by hh h

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Teri Rakhi Tere Jaise Khoobsurat Thi by hh h - ballad music cover art

Teri Rakhi Tere Jaise Khoobsurat Thi

ballad

0:002:46
Lyrics
Description
तू चली गई उस घर, जो अब तेरा नया जहाँ है, पर मेरी दुनिया तो आज भी तू ही है
जब भी तू राखी बांध थी थी, कलाई नहीं दिल से कसम खाता था मैं
कहती थी भईया, तू हमेशा साथ रहेगा ना, उसे एक लाइन पे आज भी आँसू आजाते है
तेरी राखी, तेरे जैसे ही खुबसूरत थी, तेरे हाथों से बंधी, तो तूटना कभी सिखा ही नहीं
अब वो धागा है, लेकिन तू पास नहीं, ये दूरी रुला देती है बेहन, हर राखी हर साथ
जब तू हस्ती थी, तो लगता था जैसे तीज का त्योहार हो, अब तेरे बेना राखी सिर्फ एक तारीक बन के रह गई है
हर बार जब फोन पे कहती है भाईया, मैं ठीक हूँ, वो जूट भी कितना सच्चा लगता है
जो रिष्टा तेरे साथ है, वो महबत से भी कहीं जदा पाक है
लोग इशक की बाते करते हैं, पर मैं तुझसे जो जुड़ा हूँ, वो रू का रिष्टा है
तेरी राखी तेरे जैसे ही अनूल थी, तू नहीं तो जैसे ये त्योहार भी अधूरा है
साल में किन तेरे लिए जिन्दा होता हूँ, बाखी हर दिन तुझसे दूर मरता हूँ
तेरी राखी अभी कलाई पे है, पर तू, तू कहाँ है बैना, बस दूआ है
जहां भी रहो, खुश रहो, तेरा भाई हमेशा तेरा रहेगा