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syaahi 4 by Siyah

SongGPT
syaahi 4 by Siyah - Haryanvi Pop-Folk With Melodic Hip-Hop And Desi Dr music cover art

syaahi 4

Haryanvi Pop-Folk With Melodic Hip-Hop And Desi Dr

0:002:52
Lyrics
Description

[Verse 1] तेरे बिन ईब ये ज़िन्दगी मेरी... रै ज़िन्दगी रह गई के? सांसा की कटी डोर टूट गई... कती सांस ये ढह गई के! एक पल भी ना मैं जी पाया... जड़ गैल्यां किसी होर की हो गई तू, मेरी हँसती-खेलती दुनिया ने... कती ज़िंदा दफ़न समो गई तू! [Chorus] मैं रोया कश्या, क्यूँ हिम्मत ना की... मागण की तने बाबू तै, इब रोवण का के फ़ायदा सै... जब बात लिकड़ गई काबू तै! मेरी कायरता ने खा ली रे... जो रोशनी थी मेरी आंख्यां में, जे हिम्मत करके मांग लेता... तने घालती स्याही आंख्यां में! [Verse 2] तने लहंगे में आग लाण की कही... मने आग लगानी दुनिया ने, रै घुट-घुट के ईब के जीणा... जब ख़त्म करी इस कहानी ने! वो पीपल का पेड़ भी रोवै सै... जड़े बांधे थे तागे गेल तेरी, इब फांसी का वो फंदा भी... मनै बुलावे सै ओड़ै डेरा री! [Chorus] मैं रोया कश्या, क्यूँ हिम्मत ना की... मागण की तने बाबू तै, इब रोवण का के फ़ायदा सै... जब बात लिकड़ गई काबू तै! [Bridge] खलनायकी की छाँव में जो चैन था, वो सारी रातें जला गईं, तूने फोड़ा मेरा फाटक, इस दिल के अंदर घर जला गईं, रातों की नींदें उड़ गईं, तेरा नाम जुबां पर आ गया, घर के अंधेरे में मैं अकेला, तेरे जख्म को सीने से लगा गया। [Chorus] मैं रोया कश्या, क्यूँ हिम्मत ना की... मागण की तने बाबू तै, इब रोवण का के फ़ायदा सै... जब बात लिकड़ गई काबू तै! [Outro] तू श्मशान की राख बणी... मैं चिता बणाणे आ लिया, तू अकेली कोन्या मरती हीर... तेरा राँझा भी ईब आ लिया! ले पकड़ हाथ ईब गैल चलूं... कोई दाब नहीं इस माटी में, इब रल जांगे दोनों जाके... श्मशान की इस राखी में... तेरे हाथां तै ऐ घालणी थी... इब घालू स्याही आंख्यां में!