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Silsila of Dreams 1 by Aadarsh123

SongGPT
Silsila of Dreams 1 by Aadarsh123 - Bollywood,both vocals music cover art

Silsila of Dreams 1

Bollywood,both vocals

0:002:53
Lyrics
Description
माँ से दूर दूर यकींग की हद के पास पास दिल को भरम ये हो गया
उनको हमसे प्यार है देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए झूर तक निगाह में है
सिलसिले हुए देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए झूर तक निगाह में
हाँ गूल खिले हुए ये दिला है आपकी निगाहोंसे ो, खूल भी ओदर मिला तो फासले हुए
देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए झूर तक निगाह में हैं
गूल खिले हुए मेरी सासों में बसी खुश्बू तेरी ये तेरे त्यारी की है जादूगरी तेरी
आपाज है हवाओं में त्यार का रंक है तिगाओं में धड़कलों में तेरे गीत है मिले हुए
क्या कहूं कि शर्म से है लब सिले हुए देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए
घूल भी हो दर में तो फासले हुए मेरा दिल है तेरी पनाहों में आच्छुपालू तुझे मैं बाहों में
तेरी कस्वीर है निगाहों में दूर तक रोशनी है राहों में कल अगर न रोशनी के काफिले हुए
प्यार के हजार दीप हैं जले हुए देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाहं में हैं गुल फिले हुए ये घिला है आपके निगाहों थे भूल भी हो धर्मियां तो पासले हुए
देखा एक घाब तो ये सिलसिले हुए दूर तक निगाहं में हैं गुल फिले हुए