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Shiv Dham 2 by Mapsa

SongGPT
Shiv Dham 2 by Mapsa - Spiritual,both vocals music cover art

Shiv Dham 2

Spiritual,both vocals

0:003:48
Lyrics
Description
(संगीत की शुरुआत: धीमी, हृदय को छू लेने वाली बाँसुरी की धुन, जिस पर वीणा या सितार की कोमल संगत हो। बहुत ही हल्के तबले या मृदंग की थाप, जो गहरे ध्यान और शांति का भाव जगाए। किसी भी तरह का तेज़ या आधुनिक वाद्य यंत्र इसमें नहीं होगा।)
स्थायी (Chorus):
मनवा क्यों भटके, आ शिव धाम,
जहाँ मिले शांति, और निष्काम।
भोलेनाथ के चरणों में ढल जा,
सारे जग का मिटेगा हर काम।
(अंतरा 1):
गहरी जटाओं में गंगा विराजे,
शांत ललाट पे चंदा भी साजे।
नंदी की सवारी, मृगछाला धारे,
वो त्रिलोकी का स्वामी, सबको तारे।
(पूर्व-स्थायी - Build-up):
कोई जाने न महिमा तुम्हारी,
तुम हो देवों के देव, त्रिपुरारी।
स्थायी (Chorus):
मनवा क्यों भटके, आ शिव धाम,
जहाँ मिले शांति, और निष्काम।
भोलेनाथ के चरणों में ढल जा,
सारे जग का मिटेगा हर काम。
(वादक खंड - Instrumental Break):
(एक लंबा, शांत और आत्मा को छूने वाला संगीत का टुकड़ा, जिसमें बाँसुरी और सितार/वीणा की जुगलबंदी हो। यह मन को एकाग्र करने वाला और गहरा सुकून देने वाला हो।)
(अंतरा 2):
राग-द्वेष से मन जब घबराए,
दुनिया की माया जब भरमाए।
तब बस शिव-नाम ही याद आए,
वही हर संकट से पार लगाए।
(पूर्व-स्थायी - Build-up):
तुम हो अनादि, तुम हो अनंत,
तुम्हीं हो जीवन का आदि और अंत।
स्थायी (Chorus):
मनवा क्यों भटके, आ शिव धाम,
जहाँ मिले शांति, और निष्काम।
भोलेनाथ के चरणों में ढल जा,
सारे जग का मिटेगा हर काम。
(पुल - Bridge):
तन को त्याग, जब प्राण ये छूटे,
तेरी ही कृप