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RCB Anthem 4.0 2 by Mir

SongGPT
RCB Anthem 4.0 2 by Mir - Sport/Anthem music cover art

RCB Anthem 4.0 2

Sport/Anthem

0:003:52
Lyrics
Description
(verse)
रसिबी रसिबी, रसिबी, आप भुकना नहीं
इस बार जीतना बस चुकना नहीं
अतारा साल से सपना लिए जी रहे हैं दिलने
रसिबी हर मैच में पिखल रहे हैं
हर सीजन बूला भी साला कप नंबे पर
तक्टीर ने हर दफा कुछ और लिखा
पर अब है बोहजर बचिस बदलेगी कहानी
जिसमें हीरो है बिंग गोरो और ढोफी है कहानी की राणी
(chorus)
हर बार स्टेरियम में चुमी थी अवास
ये साला कप नांदे था हमारा राख पर
हर फाइनल ने छोड़ा एक खाफ
आर्सी बी फैन होने का तरफ एक आस
(verse)
नाही सिफ टीम हमने भी रोए थे रातों में
जीत के सबने बिखरे थे हाथों में
नो जालना इता पहला मौंका दिल में था जुनून
लेकिन टेकेन ने तोड़ा सपना छूट रहा वो सकून
फाइनल ते प्ले पर ग्रोफी ते भी थुल थी आखों में आसू
जीत से हम जूर थी तू साला नौबर्स में
फिर सैकू में चकाई कैरल की पैक्टिंग ने दुन्याई हिलाई
पर जनाई ने किया भेवार एक और फाइनल एक और हार
दो दो साला नेपॉली ने लिखा इतिहास
(chorus)
आरसीबी का रंग लाल है कोली का विश्वास कमाल है
थाड़ा साल का इंकिजा खतम इस बात हो भी हमारे हाल है
दिल में है आग नंग आरसीबी कोली की आँखों में जीप की चबी छोड़ के सब को हम ही है असली रोयल
(bridge)
एक लड़ बात है बस आरसीबी गदम गदम पर जले हम
दुमा वीरा के जैसे जले हम शोला तब दी में
हर बार हम से खुद को चुपा रखा ना ढोफी मिली ना खुशी का वो बलबर
आरसीबी फैंस ने कभी छूड़ा नहीं हल जल क्या बीस बीफ और बनेगा वो इंकिजार का अंग
क्या इस साल मिलेगा जीत का वो