Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

Musaafir Hai Hum Tum 1 by ہارڈ

SongGPT
Musaafir Hai Hum Tum 1 by ہارڈ - Bollywood music cover art

Musaafir Hai Hum Tum 1

Bollywood

0:002:59
Lyrics
Description
मुसाफ़िर हैं हम तुम, सफ़र ज़िंदगी है
कहीं धूप छाँव, कहीं रौशनी है
ये रस्ता भी अपना, ये मंज़िल भी अपनी
मगर राह में क्यों खलिश सी बसी है?
ख़मोशी में लिपटी हैं कितनी सदाएँ
दिलों की ज़ुबाँ अब यही ख़ामोशी है
न पल लौटते हैं, न लम्हे ठहरते
यही वक़्त की बस कड़ी बेबसी है
न पूछो ये दिल किस तरह रो रहा है
कि दिल की ख़मोशी भी इक बेबसी है
हवाएँ भी कुछ कह के चुप हो गई हैं
फ़िज़ा जैसे कुछ भूलती जा रही है
जहाँ ख़्वाब थे, अब वहाँ ख़ाक उड़ती
ये दिल की ज़मीं कितनी बेरंग सी है
कभी तुम को तन्हा तसव्वुर किया था
इसी सोच से ये मुसाफ़त जुड़ी है
बज़ाहिर तो सब कुछ है हाथों में लेकिन
अगर तू नहीं है, किधर ज़िंदगी है?
नज़र के किनारे पे उतरे हैं सपने
मुसाफ़िर हूँ मैं, और सफ़र ज़िंदगी है
कि कुछ ख़्वाब आँखों में हैं बद्र रोशन
जिन्हें छू के जीना ही अब ज़िंदगी है