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हाथों से सरक गया by Nitin

SongGPT
हाथों से सरक गया by Nitin - ballad music cover art

हाथों से सरक गया

ballad

0:003:12
Lyrics
Description
इंद्रो मुखड़ा, शुरू में बोला मैंने कुछ, पर सुना तुमने कुछ वारी। Indro Mukhda, shuru mein bola maine kuch, par suna tumne kuch waari.
लफज वही थे, पर मानी बदलते रहे, सच तो वही था, जो आँखों से बहे गया। Lafz wahi the, par maani badalte rahe, sach to wahi tha, jo aankhon se bahe gaya.
मुखड़ा, तेरा नाम लिया नहीं, पर हर दुआ में तुही था, जो खोया नहीं कभी, पर हाथों से सरक गया। Mukhda, tera naam liya nahin, par har dua mein tuhi tha, jo khoya nahin kabhi, par haathon se sark gaya.
अन्तरा, अन्तरा, अन्तरा, अन्तरा Antara, Antara, Antara
राहे मिली थी ऐसे जैसे मुकडर की लिखी, हो मैंने सोचा सफर लंबा है, तुमने समझा बस अभी हो, कहने को हसी बाती थी हमने, पर आंसु ही गवा बने, सवाल खड़े थे, खामुशी में जवाबों के साए तले.
मुक्रा, तेरा नाम लिया नहीं, पर हर दुआ में तू ही था, जो खोया नहीं कभी, पर हाथों से सर गया.
अंतरा, अंतरा, अंतरा, अंतरा
गलतियां दोनों की थी शायब पर अलजाम, एक तरफ लगे भीर में भी अकेला रहना, ये हुन हमी से सीखे, तूने कहा था सफर आसान है, मैंने माना सफर भारी, पर बोज उठाते उठाते दिल ठक गया बेचारी.
ये किसा भी अजीब है, सीधा भी उलजा भी, जो समझे वो भी रो दे, जो सुने वो भी हस दे
अंत मुखरा तेरा नाम लिया नहीं, पर हर दुआ में तू ही था, जो खोया नहीं कभी, पर हाथों से सर्क गए
अंत मुखरा तेरा नाम लिया नहीं, पर हर दूआ में तू ही था, जो खोया नहीं कभी, पर हर दूआ में सर्क गए