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सोनाखान के मया 2 by Sukhev

SongGPT
सोनाखान के मया 2 by Sukhev - छत्तीसगढ़ी लोकगायन,male vocals music cover art

सोनाखान के मया 2

छत्तीसगढ़ी लोकगायन,male vocals

0:003:36
Lyrics
Description
🌿 अंतरा 1
सोनाखान ट्रैवल्स के बस म,
रेखा बइठे राहय आगे।
ओकर दुपट्टा लहराथे,
मोर हिरदे म कछु होगे।
👀 एक झलक म मया परगे,
दिल ह बस म बइठ गे रे…
🌼 कोरस
🎵 बस म बइठ गे मोर मया ओ रेखा,
तेंह मुस्काइस, हाय रे लेखा!
सोनाखान के बस ह चलत रहिस,
मोर मन तेंहा संग उड़त रहिस…
🌿 अंतरा 2
रेखा के झुमका चमकत रिहिस,
मोला हर हरकत भा गे।
तेंहा खिड़की ले देखीस मोला,
मोर जान ह थम गे।
🌸 तोर छईंहा म रहूं जिनगी भर,
अइसन मया मोला हो गे रे…
🌼 कोरस दोहराव:
🎵 बस म बइठ गे मोर मया ओ रेखा,
मन म बसा गे तोर स्नेहा…
घड़ी-घड़ी नजर मिला देथस,
कब बिहाव के दिन बता देथस…
🌿 अंतरा 3
बस के कंडक्टर पूछे टिकट,
मंय पूछंव तोर संग रिश्ता।
तें मुस्काइके कहि देहू,
"दिल के टिकट मंय तोर हिस्सा…"
👣 गांव ले शहर, शहर ले मया…
बन गे हमर संग के दया…
🌼 अंतिम कोरस (धीमे सुर में):
🎵 बस म बइठ गे मोर मया ओ रेखा,
तेकर संग नइ लागे अकेला…
सोनाखान के बस म हो गे मया,
अब तोर नाम मोर हर बेला…