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साफ़ हवा, साफ़ ज़मीन 1 by Ravinder

SongGPT
साफ़ हवा, साफ़ ज़मीन 1 by Ravinder - Rap,both vocals music cover art

साफ़ हवा, साफ़ ज़मीन 1

Rap,both vocals

0:003:57
Lyrics
Description
(बीट पर तेज़ रैप)
(verse)
धुएं में छुपी है ज़िंदगी, साँस ले रहे ज़हर हर दिन,
शहरों में घना है धुंआ, देखो आसमां का रंग भी बदला है।
कारखाने, गाड़ियाँ, खेतों की आग,
सब मिल के बढ़ाएं प्रदूषण का भार।
पर अब जागे हैं हम, टूटे सालों के बंधन,
स्वच्छ हवा का सपना, जो दिल में बसा हर जन।
(chorus)
चले हम सब साथ, हवा को करें साफ़,
दूषण को दूर भगाकर बढ़ाएं ये रफ्तार।
सूरज की रोशनी, पवन की वो शक्ति,
नवीनीकरण में छुपी है पृथ्वी की ज्योति。
(verse)
जहाँ फसलों की राख से भरा हर आसमाँ,
वो हवा अब बदलेगी, चलेगा नया ग़गन यहाँ।
बिजली चलेगी अब नए जज़्बे से,
इलेक्ट्रिक कार, बाइक, बस, चलें स्वच्छ हवन से।
पीढ़ी ये हमारी, चाहती है नया कल,
जहाँ ज़हरीली हवा ना करे दिल उजड़।
(chorus)
चले हम सब साथ, हवा को करें साफ़,
दूषण को दूर भगाकर बढ़ाएं ये रफ्तार।
सूरज की रोशनी, पवन की वो शक्ति,
नवीनीकरण में छुपी है पृथ्वी की ज्योति。
(bridge)
धुएं की चादर जब हटेगी, चमकेगा आसमाँ फिर से,
बच्चों की हँसी गूंजेगी, हवा होगी खिलखिलाती।
परयावरण की रक्षा करें, ये वचन है हमारा,
स्वच्छ भारत का सपना हम पूरे दिल से निभाएंगे।
(outro)
अब है वक्त़ जागने का, चलो करें कुछ नया,
साफ़ हवा, साफ़ ज़मीन, दिल से करें हम कोशिश।
मिलकर बनाएं कल उज्जवल, हर सांस हो प्यारी,
धरती माँ की गोद में खिलें फिर से हमारी प्यारी कहानी।