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सात लफ्ज़ की सच्चाई by Manu

SongGPT
सात लफ्ज़ की सच्चाई by Manu - ballad music cover art

सात लफ्ज़ की सच्चाई

ballad

0:003:21
Lyrics
Description
Do not mention sound effects or instruments in the lyrics
जटन की हरी कोशिका नै बनती है, तो क्या साथ हफ्तों की बात, तुम से प्यार का मेरा विश्वास है?
मैने हर एक लभ्ज पे यकीं किया, लगता है मुझे तुम से प्यार हो रहा है
ये वो साथ लभ्ज थे, जो मैं सुनना चाता था
यह वो साथ लभ्ज थे, जिसने मुझे उस तरहां देमरां, जिस तरहां से दिल ना कभीं बर सका
मैंने तुम्हें ऐसे दिल में जगा दी, जैसे मेरा दिल कभी दुखा ही नहीं
मैने तुम्हें ऐसे प्यार किया, जैसे तुम भी तुन्यां में अकेले थे
मैंने तुम्हें ऐसे प्यार किया, जैसे कोई खल हो ही नहीं
सब कुछ अच्छा चल रहा था, हर दिन पहले से बहतर था
टेक्स पर जादा हसते थे, देर रात फोन पे बाते करते थे
एक दूसरे के गाने शेर करते थे
मैंने हर एक लब्स में यकी किया, लगता है मुझे तुमसे प्यार हो रहा है
ये वो साथ लब्स थे, जो मैं सुनना चा था
ये वो साथ लब्स थे, जिसने मुझे उस तरह से भढा
जिस तरह से थे, मैं कभी न भढ सका
दोस्तों ने मुझे बारबार चृतावनी दि
तुम कभी वो नहीं बनोगे, जिसे वो चाहती है
मैंने उन्हें हर दिन कहा, माफ करना तुम गलत हो, बस इंतिजार करो
एक दिन, मैंने आखिरकार पूछा, क्या तुम मुझे से वैसे ही प्यार करती हो
जैसे पहले करती थी, तुम्हारी खामुशी ने पहले जवाब दिया
फिर आई सचाई, और सब कुछ हकीकत बन गया
उसके साथ होने के भजाए, मेरे साथ होने का खयाल
तुम्हें हकीकत में वापस लाया
तुमहारे वोसाथ लफज बन गये
माफ करना, ये सिर्फ एक दोस्ती थी
ये वो साथ लफज थे, जुयों में कभी सुनना नहीं चाहता था
ये वो साथ लफज थे, जिसने कभी मुझे भऱा था
अब वही वसाथ लफज मुझे तोड़ गये
तुम्हे अपना पूरा दिल दिया
और तुमने उसे सिरी की तरह इस्तेमाल किया
उसकी तरफ एक बहतर नज़िन्या पाने के लिए
तुमने मुझे बस इतना दिया
एक चिंगारी, एक मुस्कान, शायद एक उम्हीद
बस इतना कि जब भी मैंने जाने की कसम खाई
तुमने मुझे वापस खीच लिया