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श्री विष्णु जी आरती 2 by Param

SongGPT
श्री विष्णु जी आरती 2 by Param - Aarti / Bhajan music cover art

श्री विष्णु जी आरती 2

Aarti / Bhajan

0:002:53
Lyrics
Description
(प्रस्तावना)
जय श्री विष्णु, करुणा के सागर,
भक्तों के शृंगार, दीनों के उद्धार।
तेरे नाम से जग में उजियारा,
नित्य करे कृपा, दुख नाश हमारा।
(आरती - 1)
शंख-चक्र-गदा-पद्म तेरे हाथ,
नीलकंठ, भवसागर के प्राणदाता।
त्रिमूर्ति के पालक, जग के आधार,
तेरी लीला से खिल उठे हर दीवार।
(कोरस)
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
(आरती - 2)
तेज तेरा दीप, अंधकार करे दूर,
घी के लौ से चमके हर दीन का घर।
फूल-चंदन अर्पित, मन में भक्ति दार,
तेरे गुण गुनते हम सब झूमे बारम्बार।
(कोरस)
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
(आरती - 3 — अवतार गान)
मत्स्य, कूर्म, वराह, नारायण नृसिंह,
वामन, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि सिंह।
दसावतार तेरे, संसार का पालन,
भव-बाधा हर लें, धर दें कल्याण।
(सेतु / ब्रिज)
संकट हरने वाले, दया के सागर,
ज्ञान, भक्ति, कर्म से करों उद्धार।
तेरे चरणों में सुख, शांति, विशाल प्यार,
शंख-ध्वनि गूंजे, तेरी जयकार।
(कोरस)
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
(आरती - 4)
घूँघट-सी ठहरती, भजन की मधुर तान,
तेरे नाम से बहे जीवन का वरदान।
दे दे आशीष तुम, हर जीव को उद्धार,
तेरे बिना सूना सब, तेरे संग है संसार।
(समापन)
हे नारायण, कर दीन-दुःख हरण,
भक्तों के हृदय में बसे सदा परमानंद।
जय श्री विष्णु, जय नारायण — एक स्वर,
विष्णु जी की आरती, हो प्रभु की مهرबानि पर।
(कोरस — अन्तिम)
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।
जय श्री विष्णु, जय नारायण,
शरणागत पायो तेरा ध्यान।