Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

श्याम सुण्‍दर 3 2 by Shriti

SongGPT
श्याम सुण्‍दर 3 2 by Shriti - Devotional,both vocals music cover art

श्याम सुण्‍दर 3 2

Devotional,both vocals

0:003:28
Lyrics
Description
श्याम सुण्‍दर! तू कहां छिपा बैठा है,
राधा की सांसों में तू ही तो बैैठा है।
बरसों बीते तेरे पांव की आहट नहीं आई,
बृज की गलियों में अब बांसुरी भी नहीं बजाई।
मन मेरा तुझ बिन अब रोये हर पहर,
गोपियों का वो हँसना भी लगता है जहर।
तेरे बिना वृंदावन सूना लगता है,
हर कुंज, हर कली अधूरा लगता है।प्याले में दूध ठंडा हो गया रे कान्हा,
तेरी राधा अब थक चुकी है राह ताकते-ताकते।
घड़ी की सुइयां विरह के गीत गा रही हैं,
और मेरी आंखें नीर से भीगती जा रही हैं।
बरसों से खड़ी हूं यमुना किनारे,
तेरी बांसुरी की वो मधुर पुकार के सहारे।
अब तो वृक्ष भी पूछते हैं मुझसे –
"श्याम कब आएंगे तुम्हारे?"तेरा नाम तो साँसों में बसा रखा है,
पर तूने मुझसे जीवन ही छीन लिया सखा।
मथुरा की रानी बन गया तू तो राजा,
पर बरसाना की रानी रोती रही आज भी तन्हा।
तेरी हर एक लीला, हर छवि,
मन में ही कैद कर ली मैंने अभी।
कभी रास की रातें याद आती हैं,
कभी तेरी झूठी कसमें चुभ जाती हैं。(अब श्रीकृष्ण की ओर से)
राधे! तेरी यादों में रातें सुलगती रहीं,
मैं तो महल में भी तेरी सुधि में बहकता रहा कहीं।
ध्यान लगाया तेरा रणभूमि में भी मैंने,
तेरे बिना हर युद्ध भी अधूरा सा लगे रे।
कभी रुक्मिणी देखती मुझे हैरान,
मैं कहता – राधा ही है मेरे प्राण।
तेरी चूड़ियों की खनक अब तक सुनता हूं,
तेरे पायल की हर छम-छम में जीताफिर से राधा की ओर से)
याद है कान्हा वो झूला झुलाया था त