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शिव का पर्वत, चेतना की ऊंचाई 1 by nutshell

SongGPT
शिव का पर्वत, चेतना की ऊंचाई 1 by nutshell - भक्ति,both vocals music cover art

शिव का पर्वत, चेतना की ऊंचाई 1

भक्ति,both vocals

0:003:41
Lyrics
Description
कैलाश की चोटी पर, समय है थम जाता
आकाश भी मौन होकर, शिव को नमन करता
बाईस हज़ार फीट की, ऊंचाई पर विराजे
भोलेनाथ की महिमा से, जग सारा गुंजे
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैलाश मानसरोवर, तेरी जय जय जय
मानसरोवर की गहराई में, ब्रह्मा का मन बसा
चार नदियों का उद्गम, यहीं से है चला
सिंधु सतलज ब्रह्मपुत्र, घाघरा की धारा
सृष्टि को जीवन देता, यह पर्वत हमारा
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैलाश मानसरोवर, तेरी जय जय जय
पिरामिड सा आकार है, रहस्यों से भरपूर
कोई नहीं चढ़ पाया, आज तक इस चूर
नंदी पर्वत के पास, संदेशवाहक बैठे
भक्तों की प्रार्थना को, शिव तक पहुंचाते
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैलाश मानसरोवर, तेरी जय जय जय
बावन किलोमीटर की, परिक्रमा पावन है
तीन दिन की यात्रा में, आत्मा का तारण है
डोलमाला पास पर, सांस लेना भारी
हर कदम शिव के पास, ले जाता तीर्थयात्री
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैलाश मानसरोवर, तेरी जय जय जय
पूर्व जन्म की स्मृति मिले, मानसरोवर के तीर
अलौकिक ऊर्जा का अनुभव, करते हैं यहां वीर
तारों भरा आकाश झील में, दिखता है साकार
पूरी सृष्टि समाई लगे, इस दिव्य संसार में
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैलाश मानसरोवर, तेरी जय जय जय
चार धर्मों का तीर्थ, हिंदू बौद्ध जैन बॉन
सभी मानते पावन इसे, करते सम्मान
नटराज का तांडव यहीं, शिव पार्वती मिलन
रावण ने उठाया पर्वत, पर शिव ने दिया दमन
हर हर महादेव, ओम नमः शिवाय
कैला