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वो पुरानी बस्ती 2 by Marziye

SongGPT
वो पुरानी बस्ती 2 by Marziye - Folk,female vocals music cover art

वो पुरानी बस्ती 2

Folk,female vocals

0:003:15
Lyrics
Description
(Verse 1)
नदी किनारे बस्ती पुरानी,
चाँदनी रातें, बातें सुहानी।
चरखा काते नारी अलबेली,
गूँजे गीतों की मधुर रागिनी।
(Chorus)
बैलगाड़ी की खट-खट आवाज़,
खेतों में गूँजे किसान की साज।
माटी की खुशबू, प्यार का आलम,
वो पुराना ज़माना, दिल का मरहम।
(Verse 2)
दिया बुझा, पर रौशनी बाकी,
यादों में बस्ती, वो गलियाँ फाकी।
दिल से दिल तक थी सादगी प्यारी,
सपनों की नगरी, वो पुरानी सारी।
(Bridge)
हवा में घुली मिट्टी की खुशबू,
चरखे की थाप, गीतों की जुबू।
नारी की मुस्कान, खेतों की रवानी,
जैसे कोई मधुर, पुरानी कहानी।
(Chorus)
बैलगाड़ी की खट-खट आवाज़,
खेतों में गूँजे किसान की साज।
माटी की खुशबू, प्यार का आलम,
वो पुराना ज़माना, दिल का मरहम।
(Outro)
अब वो जज़्बात बचपन के,
दिल में सजाएंगे, यादों के मेले।
वो पुरानी बस्ती, चाँदनी रातें,
हमेशा हमारे साथ, दिल के गीत गाएँ।