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रोज़ देख रहे 2 by mahi

SongGPT
रोज़ देख रहे 2 by mahi - Bollywood,both vocals music cover art

रोज़ देख रहे 2

Bollywood,both vocals

0:003:22
Lyrics
Description
(verse)
उसको हम समझना ना भूल गई
जिस रोज़ देवता है, उसको हम समाज चलाना भूल गई
अब आठ पैर आँखों में वो जल,
चंचल मुखड़ा रहता है,
दिल की धड़कन को सुनाना भूल गई।
(chorus)
रोज़ देख रहे, सपनों में वो आता है,
जैसे चाँदनी रातों में, कोई सितारा चमकता है।
दिल की गहराइयों में, उसकी याद बसी है,
हर एक लम्हा उसके बिना अधूरी सी लगती है।
(verse)
उसकी हंसी से महका ये जहाँ,
हर दर्द को भुला दे, जैसे जादू सा हो यहाँ।
हर सुबह उसकी यादों से होती है शुरू,
उसके बिना ये दिल नहीं लगता कभी भी पूरा।
(chorus)
रोज़ देख रहे, सपनों में वो आता है,
जैसे चाँदनी रातों में, कोई सितारा चमकता है।
दिल की गहराइयों में, उसकी याद बसी है,
हर एक लम्हा उसके बिना अधूरी सी लगती है।
(pre-chorus)
आँखों में वो जल चंचल,
सपनों का वो साया बनता है।
हर एक पल उसके साथ बिताने का,
दिल मेरा तड़पता रहता है।
(chorus)
रोज़ देख रहे, सपनों में वो आता है,
जैसे चाँदनी रातों में, कोई सितारा चमकता है।
दिल की गहराइयों में, उसकी याद बसी है,
हर एक लम्हा उसके बिना अधूरी सी लगती है.