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ये कैसी आज़ादी है? 1 by Narayan

SongGPT
ये कैसी आज़ादी है? 1 by Narayan - भावुक,male vocals music cover art

ये कैसी आज़ादी है? 1

भावुक,male vocals

0:003:40
Lyrics
Description
कभी सूली चढ़े थे वीर, हँस-हँस के बलिदान दिए,
आज स्वार्थ में अंधे हैं हम, क्या यही अरमान किए?
जो खून बहा खेतों में तब, अब स्याही बनकर सूख गया,
जन-मन-गण का नारा भी, बस किताबों में छुप गया。
कभी तिरंगे को थामे, मरते थे वीर जवान,
अब सोशल पोस्टों में दिखती, बस दिखावे की शान।
आज़ादी का अर्थ है क्या, बस छुट्टी और मस्ती?
या याद है वो माटी, जिसमें लहू समाई सस्ती؟
जिसने अपना बचपन छोड़ा, केवल देश संभालने को,
उसका नाम मिटा दिया तुमने, खुद को पालने को।
ना संसद में सच्चाई बची, ना सड़कों पर इंसानियत,
हर ओर बस स्वार्थ दिखे, खो गई देशभक्ति की पावनियत।
माँ भारती आज रोती है, चुपचाप अपने घावों पर,
नौजवान मस्त हैं बैठे, मोबाइल के टावर्स पर।
न भूख मिटी, न अशिक्षा हटी, फिर किस बात की जयकार है?
क्या शहीदों की ये वही धरती, या कोई बाज़ार है؟
सोचो युवा! अब भी समय है, ये मिट्टी तुम्हें पुकार रही,
जो चुप रहे, इतिहास बना… जो जागा, वही संवार रही।
आज नहीं तो कल पछताओगे, इतिहास माफ़ नहीं करेगा,
इस बार चूक गए अगर, भविष्य तुम्हें नहीं सहेगा।
इस आज़ादी को मत बाँटो, जाति-धर्म के नाम पर,
वरना अगली पीढ़ी लिखेगी — 'ग़ुलाम थे, और ग़ुलाम हैं अब तक'… कलाम पर।