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मृगतृष्णा 2 by Orion

SongGPT
मृगतृष्णा 2 by Orion - Sad,both vocals music cover art

मृगतृष्णा 2

Sad,both vocals

0:003:27
Lyrics
Description
ये ज़मीन है ढकी हुई उदासी की चादर में
हर तरफ वीरानापन, जैसे कोई है क़हर में
दिल में छुपा दर्द गहरा, आँखों में नमी है
ज़िंदगी की राहों पे बस अब एक कमी है
(Chorus)
प्यार अब बन चुका है बस एक मृगतृष्णा
पीछे भागते हैं हम, पर मिलती ना कोई तृष्णा
एहसास सारे अब काँटों से चुभते हैं
यादें पुरानी सब रेगिस्तान बनती हैं
(Verse 2)
दिल के कोने में कहीं, उम्मीदें मर रही
हर ख्वाब टूटा, हर किरण है जल रही
कैसे बताऊँ तुमको, ये कैसी बेचैनी है
हर साँस में घुट रही, ये कैसी तबाही है
(Chorus)
प्यार अब बन चुका है बस एक मृगतृष्णा
पीछे भागते हैं हम, पर मिलती ना कोई तृष्णा
एहसास सारे अब काँटों से चुभते हैं
यादें पुरानी सब रेगिस्तान बनती हैं
(Bridge)
खुशियों की बातें अब लगती हैं मज़ाक
अकेलेपन का बोझ, सहना है हर पल
रातों की नींदें भी अब कहीं खो गईं
ज़िंदगी की धुनें सब खामोश हो गईं
(Outro)
हाँ, ये है कहानी मेरी, टूटे हुए दिल की
इस उदास ज़मीन पर, हर पल है मुश्किल
रेगिस्तान है यादों का, काँटों भरी राहें
बस यही है अब मेरी, ये काली आहें।