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मुलाक़ात 2 by RitekaRa

SongGPT
मुलाक़ात 2 by RitekaRa - Romantic,both vocals music cover art

मुलाक़ात 2

Romantic,both vocals

0:003:40
Lyrics
Description
[भूमिका – आत्मा को छू जाने वाली हमिंग]
हम्म्म्म… हम्म हम्म हम्म्म्म्म…
ओह्ह्ह ल ला ला… ला ला हम्म्म्म…
आज बहुत बरसों बाद तुमसे मुलाक़ात हुई,
वही सड़क, वही गली, वही अंधेरी रात हुई।
ओ हो हो होओओओ हो हो हो होओओओ… हम्म्म…
आज बहुत बरसों बाद तुमसे मुलाक़ात हुई,
वही सड़क, वही गली, वही अंधेरी रात हुई।
वक़्त ने सब कुछ बदल दिया, पर यादें वही रहीं,
जहाँ हम हँसते थे कभी, आज सिर्फ़ ख़ामोशी छाई सही…
---
[अंतरा 1]
सोचा था कर लूँ फिर से कुछ बात तुमसे,
पर दिल थम सा गया… छूट न जाए हाथ तुमसे…
पलकों पे थे अरमान, पर ज़ुबान पे ख़ौफ़ था,
तेरे सामने ख़ुद को पाकर भी सब कुछ अधूरा सा था।
---
[प्री-कोरस]
टूटा था मैं, अब ख़ुद से भी डर लगता है,
तू चली गई थी… तो क्यों फिर लौट आई इस दिल को तोड़ने?
क्या तेरा वापस आना सिर्फ़ एक भूल थी?
या मेरे दिल की अधूरी दुआओं का उसूल थी?
---
[कोरस]
आज बहुत बरसों बाद तुमसे मुलाक़ात हुई,
वही लम्हे, वही जज़्बात, वही रात रूठी हुई…
तेरे ख़यालों में अब भी डूबा हूँ कहीं,
जहाँ सिर्फ़ तू थी… और मैं था बस यहीं।
मैं रुक गया हूँ उन्हीं पलों में,
जहाँ से तू चली गई थी चुपके से, बिन कहे गए…
---
[अंतरा 2]
दिमाग़ कहता है — अब तू ख़्वाब था कोई,
पर दिल तो अब भी तुझमें जीता है तड़प तड़प के ही।
कई बार कोशिश की तुझे भूल जाऊँ,
पर हर मोड़ पे बस तेरा ही नाम पाऊँ…
तेरे बिना भी ज़िंदा हूँ, मगर जिसे ज़िंदगी कहते हैं,
वो तो तू थी — अब बस एक ख