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मिर्ची की आग में - Mirchi Ki Aag Mein 1 by Bad

SongGPT
मिर्ची की आग में - Mirchi Ki Aag Mein 1 by Bad - Indian Fusion,female vocals music cover art

मिर्ची की आग में - Mirchi Ki Aag Mein 1

Indian Fusion,female vocals

0:003:19
Lyrics
Description
(अंतरा 1)
अंधेरों में दबा था मैं, चुप्पी की चादर तले
खुद को मिटा दिया जैसे, बिना आवाज़ के चले
पर तेरी मिर्ची सी आग ने, अंदर कुछ जगाया है
दर्द और जुनून का मेल, अब दिल ने गाया है
(कोरस)
मिर्ची की आग में, जल रहा है ये दिल
दबाया जो था भीतर, अब वो फूट रहा है फिर
निराशा की परतें, जला कर राख कर डाली
तुमने जो चलाई लौ, अब खुद को पा लिया
(अंतरा 2)
चुप था मैं, पर तूने तोड़ा उस सन्नाटे को
पलकों के पीछे छुपा, दर्द के सारे रास्ते खोलो
मिर्च की तीव्रता में है, दर्द और राहत दोनों
जैसे वो जला कर, फिर से जीना सिखा दे सोना
(ब्रिज)
कभी दबा था, कभी सहा था, खुद को छुपाया था
मगर अब वो आग है जो, हर जंजीर तोड़ आया है
अंधेरे में जो छिपा था, वो अब रोशनी बन गया
मिर्ची की तीखी खुशबू में, मेरा सच चमक गया
(कोरस)
मिर्ची की आग में, जल रहा है ये दिल
दबाया जो था भीतर, अब वो फूट रहा है फिर
निराशा की परतें, जला कर राख कर डाली
तुमने जो चलाई लौ, अब खुद को पा लिया
(अंतिम अंतरा)
तन्हाई में जो मिर्च थी, वो अब जोश बन गई
दर्द की वो आग, उम्मीदों की राह दिखा गई
खुद को दबाना छोड़, मैं अब खुल के जी रहा
तेरे संग इस मिर्ची की दुनिया में मैं जी रहा
(आउट्रो)
मिर्ची की आग में, जलता दिल फिर से जी उठा
अंधेरों से लड़ता, खुद को नया रंग दिया