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माटी का पुतला - The Soul of Earth 1 by Gohel

SongGPT
माटी का पुतला - The Soul of Earth 1 by Gohel - folk,male vocals music cover art

माटी का पुतला - The Soul of Earth 1

folk,male vocals

0:003:28
Lyrics
Description
[Verse 1]
माटी का मैं पुतला हूँ, एक दिन माटी बन जाना है,
धूल में घुलकर आख़िर इस तन को मिट जाना है।
माटी से बना जीवन भी, माटी में ही रह जाएगा,
जो आज शान से चमक रहा, कल धूल बन उड़ जाएगा।
[Chorus]
माटी को क्या गुमान हुआ, जब उसमें रेत-कंकड़ मिले,
सीमेंट सा अकड़ बैठी, पर मंज़र सब बदलेंगे अगले।
धन-दौलत, मान-सम्मान, सब पल भर की सौग़ातें हैं,
एक दिन सब दूर चला जाएगा, बस माटी की बातें हैं।
[Verse 2]
जब दुनिया साथ छोड़ देगी, माटी ही साथ निभाएगी,
गुमान की दीवारें गिरेंगी, नज़र भी नीचे ही आएगी।
माटी को पहचान प्यारे, माटी बनकर भी रह प्यारे,
अंत में इसी में मिलना है, यही है सच के उजियारे।
[Bridge]
एक दिन माटी का ये पुतला, माटी में ही सो जाएगा,
सांसों का दीपक बुझते ही, सब माटी हो जाएगा…
[Chorus]
माटी को क्या गुमान हुआ, जब उसमें रेत-कंकड़ मिले,
सीमेंट सा अकड़ बैठी, पर मंज़र सब बदलेंगे अगले।
धन-दौलत, मान-सम्मान, सब पल भर की सौग़ातें हैं,
एक दिन सब दूर चला जाएगा, बस माटी की बातें हैं।
[Outro]
माटी को पहचान प्यारे, माटी बनकर ही रह प्यारे,
जीवन का सच यही सिखाता, माटी में ही मिल जाना है।