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महाराजपुर की माटी बोले by gourav

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महाराजपुर की माटी बोले by gourav - बुंदेली-अवधी लोकजोशीला music cover art

महाराजपुर की माटी बोले

बुंदेली-अवधी लोकजोशीला

0:001:41
Lyrics
Description

मुखड़ा महाराजपुर की माटी बोले आज, सेवा-भाव की गूंजे आवाज़, सादा मन, सच्चा विचार, नीरज विनोद दीक्षित नाम अपार। कदम-कदम पर साथ निभायो, दुख में खड़े, सुख में छायो, मेहनत, हिम्मत, साफ़ जुबान, यही पहचान, यही अरमान। अंतरा 1 गांव-गली की बात समझी, हर चेहरे की पीड़ा जानी, बुज़ुर्गन को मान दिलायो, युवन को आगे राह दिखायो। बिटिया-बहू के सपने सहेजे, हर घर में भरोसा भेजे, काम से बोले, शब्द न भारी, नीरज दीक्षित सोच हमारी। मुखड़ा (दोहराएँ) महाराजपुर की माटी बोले आज, सेवा-भाव की गूंजे आवाज़, सादा मन, सच्चा विचार, नीरज विनोद दीक्षित नाम अपार। अंतरा 2 कांग्रेस की परंपरा लाई, सेवा और संघर्ष की छाया, न झूठ दिखावा, न ऊँची बात, सीधी राह, सीधा साथ। सबके लिए एक-सा भाव, यही रहा सदा स्वभाव, माटी, मेहनत, इंसान, इन्हीं से बना हर पहचान। अंतिम मुखड़ा जय हो सेवा, जय संस्कार, जय हो मेहनत, जय विचार, दिल से निकले सच्चे काज, नीरज विनोद दीक्षित – माटी की आवाज़।