Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

महाकाल की महिमा 2 by Sharma

SongGPT
महाकाल की महिमा 2 by Sharma - Devotional,both vocals music cover art

महाकाल की महिमा 2

Devotional,both vocals

0:003:37
Lyrics
Description
कैलाश पर बैठा है तू, नीचे हैं खड़े हम,
कैसे आऊ शरण में, बढ़ नहीं रहे कदम।
डम डम डम डमरू, ऐसा तू बजा दे,
भूत, मानव, देव, दानव नाचे राग ऐसा गा दे。
तेरे रूप का कोई रूप नहीं, अनंत तेरा स्वरूप,
तू है निराकार, फिर भी हर रूप में बसा तेरा रूप।
तेरे शरीर पर बसा हर तत्त्व, हर रंग,
तेरी महिमा में सृष्टि का हर जीवन है संग।
तेरी जटाओं में गंगा, तेरे गहनों में नाग,
तेरी आँखों में बसी है आकाश की रौशनी का राग।
तू श्मशान में बैठा, फिर भी हर दिल में बसा,
तेरे चरणों में बसा सुख, हर दुख से पार होने का रस्ता।
तेरे माथे पर चंद्रमा, बाएं हाथ में त्रिशूल,
तेरे कंठ में कालकूट, फिर भी तू है शांत, तू है अनमोल।
तेरी आँखों में बसी है आकाश और पृथ्वी की गहराई,
तेरी दृष्टि में बसी है हर एक की सच्चाई।
तेरे शरीर पर भस्म, पर तू नश्वर नहीं,
तू है महाकाल, तू है अविनाशी, तू है सृष्टि की शक्ति।
तेरी मूरत में हर देवता की पूजा है,
तू ही है सृजनकर्ता, तू ही है संहारक, तू है ब्रह्मा का रूप भी।
तेरे रौद्र रूप में भी बसी है दया की गहराई,
तू शरणागत वत्सल, तू भक्तों की सुनता सच्ची प्रार्थना।
तू ही है शिव, तू ही है शंकर, तू है अर्धनारीश्वर,
तेरे रूप में बसा है जगत, तू ही है सर्वेश्वर।