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मस्ताना दरगाह 1 by Zane

SongGPT
मस्ताना दरगाह 1 by Zane - Indian - Sufiyana,Male Vocals music cover art

मस्ताना दरगाह 1

Indian - Sufiyana,Male Vocals

0:003:42
Lyrics
Description
(प्रस्तावना - मस्ताना दरगाह)
चमकती रौशनी में नाचती है रूहानी धुन,
मस्ताना दरगाह में गूँजती है प्रेम की सुमन।
चक्कर लगाए दरवेश, खुदा की महफ़िल सजी,
हर सांस में बसी है वो, जो दिल को छू गई।
(अंतरा 1 - माया के आवरण से परे)
माया के पर्दे हटे, जब दिल ने किया इकरार,
ख़्वाबों के पार पहुंचा, वो नूरानी बजार।
घूमे मस्ताना जो, खुदा की रूह में डूबा,
अंधेरे में चमके सितारा, इश्क़ में खुदा हुआ।
(कोरस - रूहानी सुमन)
है ये दुआ, है ये तसलीम,
तेरे नाम की माला में जुड़ी हर सिम्त।
गूँजती रहे ये मस्ताना आवाज़,
जहाँ में फैले तेरी रूहानी आज़।
(अंतरा 2 - वफ़ा की लौ)
साँसों की रिदम में, बजती है तबला की तान,
हर नग़्मा बताता है, तेरे प्यार की जान।
हर्मोनियम की सरगम में, वो मीठा आलाप,
जिसमें खो जाती है ये दुनिया सारी, साथ तेरे जो बात।
(ब्रिज - सूफियाना सफ़र)
रूह के दरवाज़े खोल, चलें उस राह पे,
जहाँ मिलती है वो हकीकत, जो ना किसी ने बताई।
चक्कर लगाए दिल, थिरके हर इक ज़ख़्म,
मिलन के गीत गाए, वो सच्चा मोहब्बत का भ्रम।
(कोरस - रूहानी सुमन)
है ये दुआ, है ये तसलीम,
तेरे नाम की माला में जुड़ी हर सिम्त।
गूँजती रहे ये मस्ताना आवाज़,
जहाँ में फैले तेरी रूहानी आज़।
(आउट्रो - मस्ताना दरगाह)
जब तक ये साँसें चलें, जब तक ये दिल धड़कें,
तेरी महफ़िल में रहूँ, तेरी दुआओं में सुकून पाऊँ।
मस्ताना दरगाह की छाँव में, खो जाऊं मैं बस,
तेरे