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प्रकृति रैप – लंबा वर्जन 2 by Ayush

SongGPT
प्रकृति रैप – लंबा वर्जन 2 by Ayush - हिंदी देसी हिप-हॉप,both vocals music cover art

प्रकृति रैप – लंबा वर्जन 2

हिंदी देसी हिप-हॉप,both vocals

0:003:36
Lyrics
Description
(Intro – धीमी बीट पर)
ओ सुन भाई, सुन बहना,
ये धरती हमारी ममता की गहना।
सुन ये रैप, कुदरत की बात,
इसे बचाना है सबकी औकात。
(Verse 1)
हर सुबह की पहली किरण,
सुनाती है हमको मधुर तरंग।
साँसों में ताजगी, दिल में सुकून,
पेड़ों से ही तो ये सब जूनून।
नदी का पानी, समुंदर की लहरें,
पेड़ों की छाँव, ये खुली डगरें।
पक्षियों की चहक में मीठा साज,
कुदरत है खुदा, यही है राज।
(Hook)
हरियाली का जादू, नीला आसमान,
कह रही धरती – मत कर अपमान।
संभाल इसे प्यारे, है ये वरदान,
प्रकृति की सेवा में ही सम्मान।
(Verse 2)
तितली का नाच, बारिश की बूँदें,
किस्मत का खजाना, मिलती ये धुनें।
जंगल की खामोशी, पहाड़ों का शोर,
इनसे ही बनता है जीवन का जो़र।
कंक्रीट के जंगल ने सब कुछ छीना,
धुआँ-धूल से चेहरा हुआ पीला।
अब भी सम्भलो, संभल लो यार,
धरती है बीमार, कर दो उपचार।
(Bridge)
बीज लगाओ, हरियाली बढ़ाओ,
मिट्टी से रिश्ता फिर से निभाओ।
सफाई करो नदियों का घाट,
कुदरत से प्यार ही असली सौगात।
(Hook)
हरियाली का जादू, नीला आसमान,
कह रही धरती – मत कर अपमान।
संभाल इसे प्यारे, है ये वरदान,
प्रकृति की सेवा में ही सम्मान।
(Verse 3)
सूरज की गर्मी, चाँद की ठंडक,
धरती का सीना, प्यार का संदूक।
फूलों में खुशबू, हवाओं में गीत,
धरती माँ कहती – न कर कोई चीट।
आज जो करोगे, कल वो लौटेगा,
प्रकृति का कर्जा तुझसे वसूल होगा।
मिलकर चलो, सब हाथ बढ़ाओ,
हरेक को हरा फिर से बनाओ।
(Outro)
ये रैप नहीं, संदेश हमारा,
धरती