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पंचगढ़ – दिल का किनारा 1 by Yeakub

SongGPT
पंचगढ़ – दिल का किनारा 1 by Yeakub - hip hop,both vocals music cover art

पंचगढ़ – दिल का किनारा 1

hip hop,both vocals

0:003:35
Lyrics
Description
(इंट्रो – हल्की म्यूज़िक)
उत्तर की हवा, हिमालय का प्यार,
तिस्ता के किनारे, मेरा संसार,
हरी वादियों में, सुनहरी रोशनी,
पंचगढ़ है जैसे जन्नत की ज़मीं。
(पहला अंतरा)
चाय के बाग़ों में महकती सुबह,
ओस की बूंदें, मिट्टी की महक,
धान के खेतों में हँसती हवा,
यहाँ की हर राह कुछ कहती जुदा।
गाँव की गलियों में बच्चों की किलकारियाँ,
बुज़ुर्गों की बातें, पुरानी कहानियाँ,
यहाँ हर इंसान में प्यार बसा,
पंचगढ़ ने हर दिल को जोड़ा सा।
(कोरस)
ओ मेरे पंचगढ़, तू मेरा नसीब,
तेरे बिना अधूरा है मेरा करीब,
तिस्ता की धारा, तेरी गोद में बहती,
तेरी यादें दिल में, हर पल रहती।
(दूसरा अंतरा)
सर्दियों की सुबह, धुंध का पर्दा,
हवा में घुला ठंडक का लहज़ा,
शाम को सूरज जब ढल जाता,
आसमान रंगों में बदल जाता।
सड़क के किनारे चाय की दुकाने,
दोस्तों के संग हँसी के बहाने,
हर मौसम में अपना ही रंग,
पंचगढ़ का दिल है सदा उमंग।
(कोरस)
ओ मेरे पंचगढ़, तू मेरा नसीब,
तेरे बिना अधूरा है मेरा करीब,
तिस्ता की धारा, तेरी गोद में बहती,
तेरी यादें दिल में, हर पल रहती।
(ब्रिज – भावुक अंदाज़)
जहाँ भी जाऊँ, तेरा है साथ,
तेरी मोहब्बत है मेरी पहचान,
तेरी मिट्टी की खुशबू है जान,
तू है मेरा अरमान।
(तीसरा अंतरा)
मेले, त्योहार, रंगों की बहार,
गीत-संगीत में बसा प्यार,
कृषि की महिमा, मेहनत की शान,
यही है मेरी पहचान।
पंचगढ़ का हर कोना, हर राह,
देता है जीवन का सच्चा गवाह,
तू ही