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न्याय की आवाज़ 2 by Rajdeep

SongGPT
न्याय की आवाज़ 2 by Rajdeep - World Music,Female Lead With Group Chorus Vocals music cover art

न्याय की आवाज़ 2

World Music,Female Lead With Group Chorus Vocals

0:003:28
Lyrics
Description
[Intro - Call]
न्याय की आवाज़ उठेगी, (चैक) — न्याय की आवाज़ उठेगी
(बैकिंग: उठेगी, उठेगी) — ढोल की थाप पर
[Verse 1]
टूटा चिराग, रातों में धुँआ सा रहा
बंद दरवाज़े, सन्नाटे में कोई पुकार रहा
आँखों में राख, शब्दों में अधूरा सुर
हमारे कदमों में अब थिरकता है इकरार का गुर
[Pre-Chorus]
जो छुपा था, वो अब धरती पर आएगा
सुम के पत्थर भी गवाह बन के बोलेगा
(बैकिंग: बोलेगा, बोलेगा)
[Chorus - Hook]
न्याय की आवाज़ उठेगी — एक लाइन, एक नारा
(बैकिंग जवाब: उठेगी)
हम साथ बोलेंगे — दिलों से, ज़मीन से पिघला कर
न्याय की आवाज़ उठेगी — हर गली में, हर त्यौहार में
(बैकिंग: उठेगी, नहीं रुकेगी)
[Verse 2]
उनके गीतों में, दर्द की कहानी है
हमने पीड़ा को छुपा देखा, आँखों में राख जवानी है
टूटा चिराग बेदर्दी की रात में, बंद दरवाज़े सामने
अब हम खड़े हैं, कदमों में आग, जुबीन गर्ग के नाम
[Chorus - Hook Variation]
न्याय की आवाज़ उठेगी — चलो गाओ, चलो बोलो
(बैकिंग: चलो बोलो)
हमारी आवाज़ फूटेगी — चौराहों से, छतों से, भीड़ से
न्याय की आवाज़ उठेगी — छोटा सा शब्द नहीं, एक लहर बनेगी
(बैकिंग: लहर बनेगी)
[Preserved Original Verse (unchanged)]
उनके गीतों में, दर्द की कहानी है लेकिन हमने देखा नहीं, उनकी पीड़ा को आज हम खड़े हैं, न्याय की मांग के लिए जुबीन गर्ग के लिए, हम सब साथ हैं
न्याय की आवाज़, हम सब मिलकर बोलेंगे सच्चाई की राह पर, हम सब चलेगे जुबीन गर्ग के लिए, न्याय मांगेंगे हमारी आवाज़, कभी नहीं रुकेगी
[Bridge - Turning Point / Call-to-Action]
हाथ जो