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न्याय की आवाज़ 2 by Rajdeep

SongGPT
न्याय की आवाज़ 2 by Rajdeep - World Music,Neutral Vocals music cover art

न्याय की आवाज़ 2

World Music,Neutral Vocals

0:002:47
Lyrics
Description
[Intro]
ढोल की थाप, मोमबाती लौ की चिमनी
चौराहों पर तख़्तियाँ, हाथ उठते हुए
हम एक सुर, हम एक साँस — आज नहीं चुप रहेंगे
[Verse 1]
टूटा चिराग, रातें संभालने को तरसतीं
आँखों में राख, ज़ख़्मों की दास्ताँ बाकी है
बंद दरवाज़ों के पीछे नाम हो या निशान रहे
खामोशी के पत्थर अब बोलने को उठेंगे
[Pre-Chorus]
जो छुपा था, अब सबके सामने आएगा
सन्नाटे के पत्थर गवाह बनकर बोलेगा
[Chorus]
न्याय की आवाज़ उठेगी — हम साथ हैं, जुबीन के लिए
न्याय की आवाज़ नहीं रुकेगी — हम एक होंगे, अब और नहीं चुप रहेंगे
(न्याय की आवाज़ उठेगी)
[Verse 2]
उनके गीतों में, दर्द की कहानी है लेकिन हमने देखा नहीं, उनकी पीड़ा को आज हम खड़े हैं, न्याय की मांग के लिए जुबीन गर्ग के लिए, हम सब साथ हैं
[Chorus - Repeat]
न्याय की आवाज़ उठेगी — हम साथ हैं, जुबीन के लिए
न्याय की आवाज़ नहीं रुकेगी — हम एक होंगे, अब और नहीं चुप रहेंगे
[Bridge]
हाथ बढ़ाओ, आवाज़ बनाओ — अब कदम मिलाकर चलो
तख़्तियाँ उठाओ, चौराहों पर नाम लिखो
मोमबाती लौ में उम्मीद जलाओ, गली-गली तक ये गीत फैलाओ
हाथ जोड़ो या हाथ बढ़ाओ, अब आवाज़ बनाओ
[Chorus - Final]
न्याय की आवाज़ उठेगी — हम साथ हैं, जुबीन के लिए
न्याय की आवाज़ नहीं रुकेगी — हम एक होंगे, अब और नहीं चुप रहेंगे
[Outro]
न्याय की आवाज़, हम सब मिलकर बोलेंगे सच्चाई की राह पर, हम सब चलेगे जुबीन गर्ग के लिए, न्याय मांगेंगे हमारी आवाज़, कभी नहीं रुकेगी
(Repeat softly to fade)