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नील गगन की उड़ान 1 by Anil

SongGPT
नील गगन की उड़ान 1 by Anil - Patriotic,male vocals music cover art

नील गगन की उड़ान 1

Patriotic,male vocals

0:003:42
Lyrics
Description
नील गगन के रथ पे चढ़कर,
नभ को जिसने मापा है,
भारत माँ के लाल ने फिर,
तिरंगा ऊँचा थामा है।
धूप-छाँव हो या हो तूफ़ां,
थमता नहीं जो एक क्षण,
वायु के वीरों को वंदन,
भारत को जिनपे है गर्व वचन।
चाँद सितारे पीछे छूटे,
जब संकल्पों ने उड़ान भरी,
धरती बोली जयकारों में,
देखो वायुसेना चली।
हर साँस है बलिदान बनी,
हर दृष्टि में संकल्प जगा,
आंधी से बोले, "रुक जा अब",
जब हम नील दिशाओं में बढ़ा।
साँझ-सवेरा इनके लिए,
बस सेवा का एक रूप है,
ना बाज़ार, ना त्योहार कोई,
बस तिरंगा अनूप है।
माँ की ममता, पिता का गौरव,
और बहन की राखी साथ,
इनके पंखों में बसता है,
सारा भारत अपना नाथ।
"जब उड़ते हैं सीमाओं पर,
शौर्य गीत बजता मन में,
माँ भारती कहती है तब
‘मेरे पुत्र अमर रहें जन-जन में
तो आज स्वतंत्रता के इस पर्व पर,
शीश नवाएँ आकाश को,
जहाँ जवान हवा में लिखते हैं
, गीत देश की आश को।
वायु के वो दीप बने हैं,
जो कभी नहीं बुझ सकते,
तिनका-तिनका भारत उनका
जो नभ में भी जग सकते।