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नसीबों की लकीरों में 2 by Rahul

SongGPT
नसीबों की लकीरों में 2 by Rahul - Hindi Emotional Ballad,Male Vocals music cover art

नसीबों की लकीरों में 2

Hindi Emotional Ballad,Male Vocals

0:003:21
Lyrics
Description
(Verse 1)
नसीबों की लकीरों में, कहीं कोई वफ़ा नहीं,
मेरे दर्द की दुनिया में, कोई भी दवा नहीं।
ढूँढता है दिल जिसे, वो निशान कहीं न मिले,
राहुल राजभर को अब, खुशियों का जहां कहीं न मिले।
(Chorus)
तन्हाई का ये ज़हर, अब सहा नहीं जाता,
बिना तेरे अब हमसे, रहा नहीं जाता...
राहुल की आँखों को, अब कोई किनारा न मिले।
(Verse 2)
शीशे जैसे ख्वाब थे, पत्थर पे गिर गए,
हम जिनसे मिले, वो हमसे बिछड़ गए।
अब तो साया भी साथ चलने से कतराता है,
ऐसा लगे जैसे रूह से, जिस्म के रिश्ते उखड़ गए।
(Bridge)
अँधेरों में भी ढूँढता हूँ, वो रोशनी की एक किरण,
पर हर रास्ता मेरे लिए, बस मिला है वीरान।
दिल की दुनिया वीरान, तेरे बिना अधूरा सा लगता है,
कहीं खो गया जो मैं, वो मोड़ फिर न आता है।
(Chorus)
तन्हाई का ये ज़हर, अब सहा नहीं जाता,
बिना तेरे अब हमसे, रहा नहीं जाता...
राहुल की आँखों को, अब कोई किनारा न मिले।
(Outro)
नसीबों की लकीरों में, कहीं कोई वफ़ा नहीं,
पर उम्मीद की एक लौ है, जो दिल में जला नहीं।