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धरती की शान 2 by Dinesh

SongGPT
धरती की शान 2 by Dinesh - Indian Folk Fusion music cover art

धरती की शान 2

Indian Folk Fusion

0:003:02
Lyrics
Description
मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती,
खेतों की मिट्टी में छुपा है संघर्षों का गीत।
पासवाला पेड़ बताता है पुरानी यादों को,
जहां हर साँस में है इतिहास की गूँज।
दूर तक फैली ये ज़मीन चलती रहे खुदा की तरफ़,
हर कदम से जुड़ी है एक कहानी अनगिनत।
मेरे देश की धरती, मेरा मान, मेरा अभिमान,
जहां जीने की खुशबू है हर शाम, हर जान।
मेरे देश की धरती, गाती है अनकही दास्तां,
सोना उगले है धरती, मेरा स्वप्न, मेरा गाँव।
धूप में तपती सड़कों पे चलती हैं छांवें,
किस्से कहती हैं हवाएं बचपन के झरोखों से।
हर मोड़ पे छुपा है उम्मीदों का कोई दीप,
जो जलता रहे, चाहे आए तेज़ हवाओं का चीख।
चले हैं हम उन पगडंडियों पे साथ बेधड़क,
दोस्ती, प्यार, और उम्मीद भरी हर झलक।
मेरे देश की धरती, मेरा मान, मेरा अभिमान,
जहां जीने की खुशबू है हर शाम, हर जान।
मेरे देश की धरती, गाती है अनकही दास्तां,
सोना उगले है धरती, मेरा स्वप्न, मेरा गाँव।
जब तक सांसों में बहे ये ताज़गी की हवा,
हम संभालेंगे ये माटी की जज़्बातों का सफ़र।
और जब अंधेरा घिरे, जुड़ी रहे उठी हुई आवाज़,
धरती की स्याही से लिखेंगे जिंदगी का राज़।
मेरे देश की धरती, मेरा मान, मेरा अभिमान,
जहां जीने की खुशबू है हर शाम, हर जान।
मेरे देश की धरती, गाती है अनकही दास्तां,
सोना उगले है धरती, मेरा स्वप्न, मेरा गाँव।
मेरे देश की मिट्टी, गीतों की रवानी,
जहां हर पल है जादू, हर सूनी कहानी।
जहां हर दिल की धड़कन से उठती है ज़ुबानी,
मेरे देश की धरती, ये है मेरी कहानी।