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तेरे होने का एहसास 1 by Kunal

SongGPT
तेरे होने का एहसास 1 by Kunal - शायरी,both vocals music cover art

तेरे होने का एहसास 1

शायरी,both vocals

0:003:41
Lyrics
Description
[शायरी – शुरुआत में]
कभी कभी ये दिल कहता है,
कि तू कहीं आसपास है,
तेरे बिना जो खाली है ये जहाँ,
वो तेरे नाम से खास है...
[मुखड़ा – कोरस / Main Hook]
तेरे होने का एहसास है कहीं,
हर साँस में तेरा पास होना...
ना तू मिला, ना खो गया तू,
बस बन गया कोई राज़ होना...
[अंतरा 1]
तेरी हँसी की बारिशों में,
भीगती थी मेरी तन्हाई...
तेरे लफ़्ज़ जैसे नग़मे थे,
हर ख़ामोशी पर छाई...
तेरा नाम लिए बिना भी,
लबों पर बस तेरा ज़िक्र रहा...
तू दूर भी, तो क्या हुआ,
दिल का हर हिस्सा तेरा फिक्र रहा...
[शायरी – मध्यम भाग में]
तू जो मिला होता वक़्त पर,
तो शायद कोई सजा न होती...
मोहब्बत भी तब मुकम्मल लगती,
ना शिकायत होती, ना दवा होती...
[मुखड़ा दोहराव – थोड़ी गहराई में]
तेरे होने का एहसास है कहीं,
हर साँस में तेरा पास होना...
ना तू मिला, ना खो गया तू,
बस बन गया कोई राज़ होना...
[अंतरा 2 – अंतिम भावुक मोड़]
तेरी आँखों में जो बात थी,
वो अब किताबों में मिलती है...
जिसे छू न सका कोई,
वो मोहब्बत तेरी सी लगती है...
मैं तुझसे दूर हो गया हूँ,
मगर तुझमें ही कहीं गुम हूँ...
तेरी यादों के इस मेले में,
अब भी सबसे तन्हा हूँ...
[अंतिम शेर – धीमा समापन]
कभी कभी ये लगता है,
कि तुझमें ही तो मैं हूँ कहीं...
मोहब्बत मेरी अधूरी सही,
पर तू अब भी पूरी है वहीं...