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तबीयत की लहरें 2 by Sonaakshi

SongGPT
तबीयत की लहरें 2 by Sonaakshi - Bollywood Classical music cover art

तबीयत की लहरें 2

Bollywood Classical

0:003:35
Lyrics
Description
(verse)
terrace पर बैठे हम, नज़ारे में खोए हैं,
ठंडी हवा, चेहरे पे, जैसे सपने पलते हैं।
सामने पहाड़ों की शान, दिल को भाती है,
ये लम्हा मेरे संग है, जैसे कोई गुनगुनाती है।
(chorus)
तुम हो पास, और वक्त थम सा गया है,
कल तुम जाओगी, ये सोच कर मन उदास है।
लेकिन इस पल की यादें, रह जाएंगी संग,
तुमसे प्यार का एहसास, जैसे हो कोई रंग।
(verse)
चाँदनी रात में बातों का सिलसिला है,
तुम्हारी हंसी में छिपा मेरा हर फलसफा है।
जब तुम हो साथ, सब कुछ कितना सुहाना है,
इस मोहब्बत की राह में, आपका ही साया है।
(chorus)
तुम हो पास, और वक्त थम सा गया है,
कल तुम जाओगी, ये सोच कर मन उदास है।
लेकिन इस पल की यादें, रह जाएंगी संग,
तुमसे प्यार का एहसास, जैसे हो कोई रंग।
(bridge)
फिर भी मैं कहूँगा तुमसे, मेरा दिल यही ख्वाब देखता है,
इन लम्हों में खुद को पाया है मैंने, बस तुम हो जो सजाता है।
(outro)
उस तरसते दिल के साथ ये लम्हा रखूँगा,
तुम्हारे बिना मैं अधूरा हूँ, इसको न भूलूँगा।